चंडीगढ़। सतलज–यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर विवाद के समाधान की दिशा में हरियाणा और पंजाब के बीच एक और महत्वपूर्ण पहल हुई। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने चंडीगढ़ में बैठक कर लंबित मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। लगभग दो घंटे चली इस बैठक के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया गया। SYL Issue
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वार्ता सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। उन्होंने बताया कि चर्चा सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों को ध्यान में रखकर की गई। सैनी के अनुसार, दोनों पक्षों ने सहमति बनाई है कि अब संबंधित विभागों के अधिकारी तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं पर नियमित बैठकें करेंगे, ताकि आगे की कार्ययोजना स्पष्ट हो सके।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी बातचीत को रचनात्मक बताया। उन्होंने कहा कि दोनों राज्य आपसी भाईचारे की भावना से जुड़े हैं और इस विषय को टकराव के बजाय संवाद के माध्यम से सुलझाया जाना चाहिए। मान ने स्पष्ट किया कि किसी भी राज्य के अधिकारों से समझौता नहीं किया जाएगा। उनका कहना था कि यह मुद्दा वर्षों पुराना है, किंतु वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि वह व्यवहारिक और न्यायसंगत समाधान खोजे। SYL Issue
दोनों राज्यों के अधिकारी नियमित रूप से परामर्श करेंगे
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि दोनों राज्यों के अधिकारी नियमित रूप से परामर्श करेंगे और अपनी-अपनी सरकारों को प्रगति रिपोर्ट सौंपेंगे। इन रिपोर्टों के आधार पर आगे मुख्यमंत्रियों के स्तर पर वार्ता होगी। दोनों नेताओं ने आशा व्यक्त की कि सतत संवाद से इस विवाद का समाधान संभव है।
पंजाब के मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नहर निर्माण से पूर्व जल उपलब्धता और बंटवारे के प्रश्न पर स्पष्ट सहमति आवश्यक है। उन्होंने संकेत दिया कि पानी की वास्तविक स्थिति को ध्यान में रखे बिना किसी परियोजना को आगे बढ़ाना व्यावहारिक नहीं होगा। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी केंद्रीय स्तर पर बैठकों का आयोजन हुआ था, किंतु ठोस निष्कर्ष नहीं निकल सका था। अब पुनः संवाद प्रक्रिया आरंभ होने से समाधान की संभावनाएं बढ़ी हैं। SYL Issue















