रोबोटिक इंजीनियरिंग स्पेस रिसर्च तक जाने का रास्ता

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दुनिया में काम करने का तरीका लगातार बदल रहा है। कुछ वर्षों पहले तक जहां किसी कार्य को करने में मनुष्यों को कई घंटे या दिन व महीने लग जाते थे, वहीं कार्य अब मशीनों के द्वारा कुछ ही मिनटों में पूरा हो जाता है। आज के समय दुनिया में रोजाना नई-नई तकनीकों का विकास हो रहा है। इनमें मुख्य रूप से रोबोट हैं, ये हर वो कार्य करने में सक्षम बन रहे हैं, जो एक मानव कर सकता है। इस फील्ड में हो रहे विकास के कारण ही आज रोबोटिक इंजीनियरिंग छात्रों के बीच पसंदीदा कोर्स बनता जा रहा है। अगर आप भी इस फील्ड में अपना करियर बनाना चाहते हैं, तो यहां पर आपको पूरी जानकारी मिलेगी।

क्या है रोबोटिक इंजीनियरिंग

यह एक तरह का आटोमेटिक मैकेनिकल डिवाइस है। जो कंप्यूटर प्रोग्रामिंग या मशीनी प्रोग्रामिंग भाषा की सहायता से काम करता है। इसे आप आसानी से अपनी इच्छा अनुसार कंट्रोल में कर सकते है या इससे काम ले सकते है। इस सिस्टम में सेंसर, कंट्रोल सिस्टम, मैनिपुलेटर्स, पावर सप्लाई और सॉफ्टवेयर जैसी चीजें एक साथ वर्क करती हैं। यदि हम रोबोटिक्स इंजीनियरिंग की बात करे तो यह कई ब्रांचो से मिलकर बनी है। इसमें कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर और मैकेनिकल इंजीनियर मिलकर रोबोट के डिजाइन, कंस्ट्रक्शन, पावर सप्लाई, इन्फॉर्मेशन प्रोसेसिंग और सॉफ्टवेयर पर काम करता है।

जरूरी योग्यता:

रोबोटिक्स में करियर बनाने के लिए आपको 12वीं में भौतिक और गणित विषयों का अध्ययन करना जरूरी है। इसके साथ ही आपमें हमेशा कुछ नया और इनोवेटिव करने की योग्यता भी होनी चाहिए। रोबोटिक्स में करियर बनाने के लिए आपको सबसे पहले कंप्यूटर, आईटी, मेकेनिकल, मेकेट्रॉनिक्स या इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीई या बीटेक की डिग्री लेना जरूरी है। इसके बाद आप रोबोटिक्स में मास्टर्स की डिग्री ले सकते है। इसके अलावा आप चाहे तो देश के कई बड़े इंस्टीट्यूट में रोबोटिक्स की डिग्री भी होती है वहां से भी पढ़ाई कर सकते है।

रोबोट के प्रकार:

औद्योगिक रोबोट: औद्योगिक रोबोट का इस्तेमाल बड़ी बड़ी मैन्युफैक्चरिंग कम्पनियों या कारखानों में किया जाता है।
घरेलू रोबोट: घरेलु रोबोट का इस्तेमाल घर सम्बन्धी कार्यों के लिए किया जाता है।
मेडिकल रोबोट: इस तरह के रोबोट का इस्तेमाल बड़े बड़े हेल्थ सेंटर्स या अस्पतालों में सर्जरी और अन्य मेडिकल काम को करने के लिए किया जाता है।
सैन्य रोबोट : सैन्य रोबोट का इस्तेमाल सैन्य प्रशिक्षण , मिलिट्री आपरेशन और देश की सुरक्षा के लिए किया जाता ह
मनोरंजन रोबोट : इस प्रकार के रोबोट खास मनोरंजन के लिए बनाये जाते है। इनमे कृतिम बुद्धिमता का काफी ज्यादा प्रयोग किया जाता है।
अंतरिक्ष रोबोट : ऐसे रोबोट जो अंतरिक्ष सम्बन्धी कार्यों को करने में कुशल होते है। ऐसे रोबोट का उपयोग ज्यादातर लॉन्चिंग या अंतरिक्ष में जाने के लिए किया जाता है।

इन क्षेत्रों में करियर के अवसर

स्पेस रिसर्च रोबोटिक्स इंजीनियर स्पेस रिसर्च से जुड़ी संस्थाओं जैसे कि इसरो, नासा आदि में काम करते हैं, जहां रोबोटिक टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया जाता है।

  • मेडिकल क्षेत्र: रोबोट्स, सर्जरी और मेडिसिन के रिहेबिलिटेशन सेक्टर में प्रमुखता से इस्तेमाल किए जाते हैं। रोबोटिक डिवाइस को कई तरह की थेरेपी में इस्तेमाल किया जाता है। यहां भी रोबोटिक्स इंजीनियरों के लिए काम करने के अच्छे मौके होते हैं।
  • प्राइवेट संस्थाएं: रोबोटिक्स इंजीनियर प्राइवेट कंपनियों में रोबोटिक सिस्टम डिजाइन करते हैं और उनकी टेस्टिंग करते हैं, कंपनियों के लिए उपयोगी सॉफ्टवेयर और स्वचालित उपकरण बनाते हैं।
  • एंटरटेनमेंट: रोबोटिक्स से जुड़े पेशेवरों की गेमिंग इंडस्ट्री में अच्छी-खासी मांग होती है, जहां वे रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सहायता से मजेदार वीडियो गेम्स बनाते हैं।
  • इनवेस्टिगेशन: जांच एजेंसियां और पुलिस विभाग बड़े पैमाने पर रोबोट्स का इस्तेमाल करते हैं। खासतौर पर खतरनाक बम खोजने और उन्हें निष्क्रिय करने के लिए रोबोट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सहारा लिया जाता है
  • बैंकिंग: बैंकिंग और स्टॉक्स से जुड़े कामों के लिए बैंकिंग क्षेत्र में भी रोबोट्स का इस्तेमाल किया जाता है।
  • आविष्कार: रिसर्च में रुझान रखने वाले आटोमेशन के विशेषज्ञ वैज्ञानिक भी बन सकते हैं, जहां वे रोबोटिक सिस्टम डिजाइन कर सकते हैं और आॅटोमेशन को बढ़ावा देने के लिए नई तकनीकें इजाद कर सकते हैं।
  • रोबोटिक प्रोग्रामर: ये स्वचालित और स्वनियंत्रित बिजनेस प्रोसेस की डिजाइनिंग, निर्माण और क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदार होते हैं।
  • रोबोटिक्स सिस्टम इंजीनियर: ये दक्ष पेशेवर कंप्यूटर आधारित डिजाइन और मैन्यूफैक्चरिंग का इस्तेमाल करके रोबोटिक सिस्टम बनाते हैं। रोबोटिक सिस्टम को सुरक्षित और किफायती बनाने की जिम्मेदारी भी इन्हीं इंजीनियरों की होती है।
  • रोबोट डिजाइन इंजीनियर: रोबोट डिजाइन इंजीनियर ऐसे प्रोफेशनल्स होते हैं, जो डिजाइनिंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करके रोबोटिक सिस्टम से जुड़ी सामग्री बनाते हैं। इनकी भी खूब मांग है।
  • आटोमेटेड प्रोडक्ट डिजाइन इंजीनियर: ये पेशेवर आटोमेटेड पार्ट की रूपरेखा बनाते हैं और जरूरत के आधार पर उनका उत्पादन करते हैं।
  • रोबोटिक्स टेस्ट इंजीनियर: रोबोटिक्स टेस्ट इंजीनियर डिजाइन और विकसित किए गए आटोमेशन सिस्टम की जांचकरते हैं। ये पेशेवर इस बात का भी खयाल रखते हैं कि रोबोटिक सिस्टम उपयोगकतार्ओं के लिए सुरक्षित हो।

करियर के लाभ:

जॉब सिक्योरिटी: इस करियर में आने वालों की संख्या सीमित होती है और रोबोटिक प्रोफेशनल्स की संख्या ज्यादा है, इसीलिए उन्हें अच्छी सैलरी मिलती है। कुछ नया सृजित करने में दिलचस्पी रखने वाले प्रोफेशनल्स को इस क्षेत्र में काम करने में काफी मजा आता है और काम के अनुसार ही अच्छी सैलरी मिलने पर संतुष्टि भी मिलती है।

पद-प्रतिष्ठा : रोबोटिक्स से जुड़े पेशेवर आमतौर पर नई-नई चीजें बनाते हैं और अपने जैसे पेशेवरों के साथ मिलकर कई तरह के मॉडल्स पर काम करते हैं। इससे उनकी मांग हमेशा बनी रहती है और काम को लेकर भी उनकी प्रतिष्ठा बरकरार रहती है।
काम में विविधता: उत्पादन, विनिर्माण, मेडिकल फील्ड, पावर मेंटेनेंस, ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री, न्यूक्लियर पावर और कई तरह के सेक्टरों में रोबोटिक्स विशेषज्ञ अहम भूमिका निभाते हैं। इससे इन पेशेवरों को अलग-अलग तरह के काम करने का मौका मिलता है और उनकी तरक्की बरकरार रहती है।
स्किल्स बढ़ाने पर ज्यादा मौके: मास्टर डिग्री हासिल करने पर ज्यादा मौके मिल सकते हैं। अल्पकालिक व दीर्घकालिक सर्टिफिकेशन कोर्स के जरिए युवा नई जानकारियों से अपडेट रह सकते हैं, अलग-अलग तरह के कामों में दक्षता हासिल कर सकते हैं और करियर में तेजी से आगे बढ़ सकते हैं।

रोबोटिक्स सेक्टर में सैलरी:

यह सेक्टर सैलरी के मामले में आप सेक्टर में गिना जाता है। यहां पर आप शुरूआती सैलरी ही प्रतिमाह 1 लाख से 5 लाख रुपऐ तक ले सकते हैं। यह आपके कॉलेज और कंपनी पर निर्भर करता है। वहीं कुछ सालों के अनुभव के बाद आपकी सालाना सैलरी करोड़ों में हो सकती है।

कोर्स के लिए टॉप संस्थान:

  •  आईआईटी दिल्ली
  •  आईआईटी रुड़की
  •  इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गनाइजेशन
  •  डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन
  •  इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी
  •  भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर
  •  आईआईटी खड़गपुर
  •  जादवपुर यूनिवर्सिटी
  •  एमएम यूनिवर्सिटी बड़ौदा

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