सालों से सड़कों पर घूम रहे मानसिक तौर पर बीमार स्वर्ण और उस्मान का इलाज करवा डेरा प्रेमियों ने परिजनों से मिलवाया

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ना खाने का पता, न पहनने का, बुरी हालत में सड़कों पर ही काट रहे थे रातें

पटियाला (सच कहूँ / खुशवीर सिंह तूर)। एक साल के अधिक समय से अपने परिवार से बिछुड़े हुए दो मंदबुद्धी व्यक्तियों का डेरा श्रद्धालुओं की ओर से ईलाज करवाने के बाद उनके परिवारों से मिलाया गया। अपने खोए परिजनों से मिलने के बाद इनके पारिवारिक सदस्यों की खुशी का कोई ठिकाना न रहा। सही सलामत इन दोनों व्यक्तियों को पाकर उनके परिजनों ने पूज्य गुरू जी व डेरा श्रद्धालुओं का तहदिल से धन्यवाद किया। जानकारी के मुताबिक एक मन्दबुद्धि व्यक्ति स्वर्ण कुमार काफी समय से सरकारी राजिन्द्रा अस्पताल के बाहर घूम रहा था और इधर-उधर कुछ खा-पीकर ही अपना जीवन जी रहा था। उसकी हालत बहुत ही दयनीय बनी हुई थी।

सेवादारों ने पहले इलाज करवा कर तंदरुस्त किया, फिर ढूँढा परिवार

इस मंदबुद्धि व्यक्ति पर जब राजिन्द्रा अस्पताल में ही ड्यूटी निभा रहे डॉ. सागर इन्सां की नजर पड़ी तो उन्होंने अन्य डेरा श्रद्धालुओं के साथ मिलकर पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए उक्त युवक की संभाल करने का बीड़ा उठाया। इस दौरान डेरा श्रद्धालुओं डॉ. सागर इन्सां, महेन्दरपाल सेंटी, अनिसा इन्सां, राहुल इन्सां, मांगें इन्सां और कर्मवीर सिंह की ओर से युवक की संभाल की गई। इस दौरान बुरी तरह मैले-कुचेले हो चुके स्वर्ण को नहलाया, बाल कटवाए, अच्छे कपड़े पहनाए गए। इसके साथ ही उसे दौरे भी पड़ते थे और उसका राजिन्द्रा अस्पताल में कई दिन इलाज करवाया। इसी दौरान कुछ स्वस्थ होने पर युवक ने अपना नाम स्वर्ण कुमार गांव डाबली (राजस्थान) बताया।

इसके बाद डेरा श्रद्धालुओं ने वहां के जिम्मेवारों से संपर्क किया और उसके परिवार तक पहुँच की। परिवार ने बताया कि उनका स्वर्ण पिछले डेढ़ साल से लापता है। डेरा श्रद्धालुओं ने प्रशासन से स्वीकृति लेकर उसे ट्रेन से उसके गांव पहुंचाया। इस दौरान स्वर्ण कुमार को उसके ताया के बेटे राजू और अन्य सदस्यों की मौजूदगी में सुपुर्द किया गया। इस दौरान राजू ने बताया कि वह डेढ़ साल से अपने भाई को ढूँढ रहे हैं, परन्तु किसी के पास से कुछ पता नहीं चला और वह थकहार कर बैठ चुके थे। आज डेरा श्रद्धालुओं की बदौलत ही स्वर्ण कुमार उनको मिल सका है। उन्होंने पूज्य गुुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां और डेरा श्रद्धालुओं का इस परोपकार के लिए बहुत धन्यवाद किया।

मुहम्मद उस्मान को भी पहुंचाया उसके घर

इस तरह ही पटियाला में बुरी हालत में घूम रहे मुहम्मद उस्मान को भी डेरा श्रद्धालुओं ने उसके गांव सहारनपुर यूपी में पारिवारिक सदस्यों से मिलाया। डेरा श्रद्धालुओं की ओर से पहले उसकी संभाल की गई और उसका इलाज करवाया गया। इसके बाद वहां के जिम्मेवारों के साथ संपर्क कर मुहम्मद उस्मान को उसके पारिवारिक सदस्यों के सुपुर्द किया गया।

 

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