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Tuesday, January 27, 2026
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    ED: आम आदमी पार्टी के नेताओं पर कसा ईडी का शिकंजा, मनी लॉन्ड्रिंग के तीन नए मामलों में रिपोर्ट दर्ज

    between AAP, BJP, Congress to win the posts of mayor sachkahoon

    AAP under ED radar: नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एक बार फिर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के घेरे में आ गए हैं। ईडी ने दिल्ली सरकार के कार्यकाल के दौरान सामने आए तीन प्रमुख मामलों में धनशोधन (ED money laundering case) की जांच शुरू कर दी है। ये प्रकरण अस्पताल निर्माण, सीसीटीवी परियोजना और शेल्टर होम घोटाले से संबंधित हैं। ईडी ने इन तीनों मामलों में इन्फोर्समेंट केस इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज कर ली है। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी शीघ्र ही आम आदमी पार्टी के प्रमुख नेताओं को पूछताछ के लिए समन भेज सकती है। ED news

    1. अस्पताल निर्माण परियोजना में घोटाले का आरोप

    पहला मामला लगभग 5,590 करोड़ रुपये के अस्पताल निर्माण से जुड़ा है। वर्ष 2018-19 में दिल्ली सरकार ने 24 नए अस्पतालों के निर्माण को स्वीकृति दी थी। इन अस्पतालों को छह माह में बनाकर तैयार करना था, लेकिन तीन वर्ष बीत जाने के बावजूद कार्य अधूरा है। अब तक 800 करोड़ रुपये व्यय हो चुके हैं, जबकि मात्र 50% कार्य ही पूर्ण हुआ है। विशेष रूप से एलएनजेपी अस्पताल की लागत 488 करोड़ से बढ़कर 1,135 करोड़ रुपये हो गई है। इस मामले में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज और सत्येंद्र जैन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।

    2. सीसीटीवी परियोजना में 571 करोड़ की अनियमितता

    दूसरा मामला 571 करोड़ रुपये के सीसीटीवी प्रोजेक्ट से जुड़ा है। वर्ष 2019 में दिल्ली सरकार ने 70 विधानसभा क्षेत्रों में 1.4 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना बनाई थी। इसका ठेका भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) को दिया गया था। कार्य समयसीमा के भीतर पूरा नहीं हुआ। बीईएल पर 17 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया, जिसे बाद में बिना स्पष्ट कारण के माफ कर दिया गया।

    3. शेल्टर होम परियोजना में 207 करोड़ की कथित हेराफेरी

    तीसरे मामले में 207 करोड़ रुपये की वित्तीय गड़बड़ी सामने आई है। यह प्रकरण दिल्ली अर्बन शेल्टर इंप्रूवमेंट बोर्ड (डीयूएसआईबी) से जुड़ा है। आरोप है कि नकली फिक्स्ड डिपॉजिट रसीदों के माध्यम से करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई। कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान फर्जी ‘घोस्ट वर्कर्स’ के नाम पर 250 करोड़ रुपये का कार्य दिखाया गया। बताया जा रहा है कि इन कर्मचारियों के वेतन के नाम पर धन नेताओं तक कमीशन के रूप में पहुँचाया गया।

    सूत्रों के अनुसार, इन सभी मामलों की प्राथमिक जांच सीबीआई और एसीबी द्वारा पहले ही की जा रही थी। इन्हीं जांचों के आधार पर ईडी ने अब धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के अंतर्गत मामले दर्ज किए हैं। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में आम आदमी पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं से पूछताछ की जा सकती है। ED news