
Rajasthan Weather Update: जयपुर (सच कहूँ न्यूज़)। राजस्थान के बड़े हिस्से में मंगलवार को तेज बारिश, ओलावृष्टि और घने कोहरे ने सामान्य जीवन को पटरी से उतार दिया। सर्द हवाओं की तेज रफ्तार ने ठंड की लहर को और प्रबल कर दिया, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि सरसों, चना और गेहूं जैसी रबी फसलों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है, जबकि 31 जनवरी से मौसम में फिर बदलाव आने की संभावना है। Rajasthan Weather
राज्य के पश्चिमी और उत्तरी इलाकों जैसे बीकानेर, जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर, नागौर, चूरू, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर में सुबह से ही आसमान पर काले बादल छाए रहे। कई स्थानों पर 20-30 मिमी तक बारिश दर्ज की गई, तो वहीं ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। जयपुर, उदयपुर, कोटा और अजमेर जैसे पूर्वी जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश हुई, जिससे सड़कें फिसलन भरी हो गईं। घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी 50 मीटर तक घट गई, जिससे हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कई जगह दुर्घटनाएं भी हुईं।
मौसम विज्ञान केंद्र, जयपुर के निदेशक राधेश्याम जैन ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राज्य में असामान्य मौसम सक्रिय है। अगले 48 घंटों में बारिश और ओलावृष्टि जारी रह सकती है, लेकिन 31 जनवरी से पश्चिमी हवाओं के बदलाव से तापमान में वृद्धि होगी और मौसम साफ होने लगेगा। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि फसलें ढककर रखें और नुकसान का आकलन करवाएं। Rajasthan Weather
किसानों पर पड़ी मार, फसलों में भारी नुकसान
इस असामान्य सर्दी बारिश ने रबी फसलें संकट में डाल दिया है। सरसों की फसल में ओलावृष्टि से पुष्पांकुर नष्ट हो गए, जबकि चना और गेहूं में पानी भरने से जड़ें सड़ने का खतरा बढ़ गया। राजस्थान राज्य में सरसों की खेती 18 लाख हेक्टेयर में फैली है, जिसका नुकसान अरबों का हो सकता है। कृषि विभाग ने जिलों में सर्वे टीम भेजी है।बीकानेर जिले के फलौदी में ओलों ने सब्जी बागानों को भारी क्षति पहुंचाई। राजस्थान में रातोंरात सब कुछ बर्बाद हो गया। प्याज-टमाटर की फसल चौपट है। इसी तरह, जोधपुर के बिलारा क्षेत्र में बिजली के खंभे गिरने से कई गांव अंधेरे में डूब गए।
कोहरे और बारिश ने सड़क व रेल यातायात को बुरी तरह प्रभावित किया। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर 10 किमी लंबा जाम लगा। जयपुर एयरपोर्ट पर दो फ्लाइट्स डायवर्ट की गईं। स्कूल-कॉलेज बंद रहे, तो वहीं बिजली-पानी की आपूर्ति बाधित हुई। स्वास्थ्य विभाग ने सर्दी-खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ने की चेतावनी दी है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों को राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग ने हेल्पलाइन नंबर 181 जारी किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण राजस्थान में सर्दियों में भी ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं, जो कृषि अर्थव्यवस्था के लिए खतरा बन रही हैं। Rajasthan Weather














