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Thursday, April 16, 2026
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    Justice Sudhanshu Dhulia: उत्तराखंड से इश्क है, यही प्यार यहां खींच लाया: जस्टिस धूलिया

    Supreme Court
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    Supreme Court: नैनीताल (एजेंसी)। उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश सुधांशु धूलिया ने कहा कि मुझे उत्तराखंड से इश्क है और यही प्यार यहां खींच लाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 24 साल के सफर में बहुत कुछ हुआ है लेकिन अभी बहुत कुछ होना बाकी है। वे हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के तत्वावधान में उच्च न्यायालय के रजत जयंती के मौके पर आयोजित समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को प्यार और मोहब्बत होती है लेकिन उन्हें उत्तराखंड से इश्क है। इसलिए वह बहुत व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद इस अवसर पर नैनीताल पधारे हैं। Justice Sudhanshu Dhulia

    उन्होंने कहा कि 25 साल के सफर में प्रदेश में शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य और पर्यटन के क्षेत्र में काफी कुछ विकास हुआ। अन्य राज्यों के मुकाबले प्रदेश की स्थिति अच्छी है लेकिन अभी बहुत कुछ होना बाकी है। न्यायमूर्ति धूलिया ने कहा कि प्रदेश के गांव अभी भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस से रहे हैं। आज बच्चे कई किमी. दूर स्कूल पैदल जाते हैं। स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी प्रदेश ने प्रगति की है लेकिन बहुत कुछ हासिल करना होगा।

    नैनीताल उच्च न्यायालय के प्रैक्टिस के दौरान उन्होंने बहुत कुछ सीखा है

    उन्होंने उत्तराखंड के अभी तक के सफर के संदर्भ में साहिल लुधियानवी की नज्म ‘आओ कि आज गौर करे इस सभा पर (26 जनवरी)’ भी पढ़ी। न्यायमूर्ति धूलिया ने इलाहाबाद से लेकर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के पद तक के अपने सफर पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नैनीताल उच्च न्यायालय के प्रैक्टिस के दौरान उन्होंने बहुत कुछ सीखा है।

    उन्होंने अधिवक्ताओं को भी सफलता के मंत्र दिए और कहा कि सफलता के लिए ईमानदारी, विनम्रता, काम के प्रति जूनून, करूणा, शिष्टता, सुनने की क्षमता और अध्ययनशीलता का होना जरूरी है। उन्होंने इस बीच कई मार्मिक उदाहरण भी प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि अध्ययन की प्रवृत्ति ही एक अधिवक्ता को अच्छा और कुशल अधिवक्ता बनाती है।

    इस मौके पर कार्यवाहक न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी, न्यायमूर्ति रवीन्द्र मैठाणी और न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित ने भी अपने विचार व्यक्त किये। न्यायमूर्ति मैठाणी ने कहा कि आज भी पर्यावरण के क्षेत्र में ठोस निर्णय लिए जाने की जरूरत है। उन्होंने खटीमा, मंसूरी और मुज्जफरनगर कांड की घटनाओं को भी याद किया। इस मौके पर विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी पुरस्कृत भी किया गया। हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष डीएस मेहता और महामंत्री वीरेंद्र रावत ने अतिथियों का स्वागत किया। Justice Sudhanshu Dhulia

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