करियर की राह: आकड़ों में है रुचि तो बनाए स्टेटिस्टिक्स में करियर

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Statistics

आज के समय में आर्थिक जगत ही नहीं प्रत्येक क्षेत्रों में आकड़ों पर आधारित नीतिगत निर्णय लिए जाने का दौर है। इसलिए अगर आपकी पकड़ डेटा और डेटा एनलिसिस पर है तो स्टेटिस्टिक्स के क्षेत्र में आपके लिए देश और विदेश में नौकरी के अच्छे अवसर मौजूद है। इसलिए वर्तमान ही नहीं आने वाले भविष्य में भी इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर की कमी नहीं रहने वाली है। अगर कोई भी छात्र स्टेटिस्टिक्स के क्षेत्र में अपना करियर बनाने की सोच रहा है तो आज ‘सच कहूँ’ करियर डेस्क आपको पूरी जानकारी देगा। ताकि आप इस क्षेत्र में अपना भविष्य संवार सकें।

  • राज्य या केंद्र सरकार की भर्ती परीक्षाओं को पास करके आप शिक्षक या प्रोफेसर बन सकते हैं।
  • जनगणना से जुड़े कार्यों को करने में स्टेटिस्टिक्स की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
  • चुनाव आयोग से जुड़े कार्य करने के लिए आपकी नियुक्ति हो सकती है।

क्या है स्टेटिस्टिक्स (Statistics)

स्टेटिस्टिक्स असल में एक ऐसी गणितीय विधि है, जिसमें न्यूमेरिकल डेटा जुटाने, विश्लेषण, प्रस्तुतीकरण जैसे कार्य बहुत प्रभावी तरीके से किये जाते हैं, इकोनॉमिक्स में स्टेटिस्टिक्स की अहमियत कही ज्यादा है। प्रति व्यक्ति की आय, बेरोजगारी, जनसंख्या वृद्धि मापने जैसे अनेकों कार्य करने के लिए स्टेटिस्टिक्स की मद्द ली जाती है। स्टेटिस्टिक्स में डेटा और टेक्निक आधारित आर्थिक समस्याओं के समाधान जैसे वेज प्राइस, टाइम सीरीज एनालिसिस और डिमांड एनालिसिस जैसे कार्य भी किये जाते हैं।

ये होनी चाहिए आपकी शैक्षणिक योग्यता

स्टेटिस्टिक्स के क्षेत्र में करियर शुरू करने के लिए सबसे पहले आपको अपनी बारहवीं की शिक्षा कॉमर्स या मैथ्स विषय के साथ पास करनी होगी। उसके बाद छात्र स्टेटिस्टिक्स में बेचलर डिग्री या फिर मास्टर्स डिग्री कर सकते हैं। इस क्षेत्र में मास्टर्स डिग्री से ही छात्रों के लिए अच्छे अवसर खुलते हैं

दाखिला प्रक्रिया

देश के अंदर साठ से अधिक यूनिवर्सिटियों में स्टेटिस्टिक्स से संबंधित कोर्स कराए जाते हैं। इस क्षेत्र में उच्च शिक्षा की पढ़ाई करने के लिए इंडियन स्टेटिस्टिकल इंस्टिट्यूट को सर्वोच्च संस्थान माना गया है। जिसका हेड क्वार्टर कोलकाता में है, लेकिन इस इंस्टिट्यूट के केम्पस दिल्ली, बैंगलोर, चेन्नई में भी है। जिनमें दाखिला लेने के लिए आपको एनट्रान्स एग्जाम से होकर जाना पड़ता है। स्टेटिस्टिक्स में एमफिल या पीएचडी की डिग्री लेने के लिए भी आपको एन्ट्रेंस एग्जाम देना पड़ता है।

रोजगार के अवसर

इस क्षेत्र से जुड़े कोई भी कोर्स करने के बाद छात्रों के लिए रोजगार के भरपूर अवसर है। जिसमें आपको सरकारी व प्राइवेट दोनों क्षेत्रों में आसानी से जॉब मिल जाती है। इस क्षेत्र से जुड़े कोर्स करने वाले छात्रों का सबसे बड़ा फायदा ये है कि जो भी विद्यार्थी ये कोर्स करता है। उसे जॉब मिलने के 90 प्रतिशत चांस होते हैं। इसका कारण यह है कि इस क्षेत्र में बहुत ही कम छात्र रुचि रखते हैं। इसलिए जो भी छात्र स्टेटिशियन कोर्स से जुड़ा कोई भी कोर्स करते हैं उनके जॉब मिलने के चांस बहुत ज्यादा रहते हैं।

टीचिंग क्षेत्र

अगर आप स्टेटिस्टिक्स में टीचिंग प्रोफेशनल में जाना चाहते हैं तो आप स्टेटिस्टिक्स में पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद यूजीसी ने नेट एग्जाम या/ राज्य या केंद्र सरकार की भर्ती परीक्षाओं को पास करके भी आप शिक्षक या प्रोफेसर बन सकते हैं।

सरकारी क्षेत्र में कर सकतें है अप्लाई

सरकारी क्षेत्रों में आपको जनगणना से जुड़े कार्य करने हो या आधिकारिक नीतियों का निर्धारण करना हो अधिकतर सरकारी एजेंसियों आकड़ों के आधार पर ही निर्णय लेती है। ऐसे में अगर आपको स्टेटिस्टिक्स में एम-एससी या ग्रेजुएशन किया हुआ है तो आप सरकारी नौकरी के लिए अप्लाई कर सकते हैं। जनगणना से जुड़े कार्यों को करने के लिए भी स्टेटिस्टिक्स की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। चुनाव आयोग से जुड़े कार्य करने के लिए आपकी नियुक्ति हो सकती है।

इसके अलावा आर्थिक सर्वे और अन्य सरकारी परियोजनाओं को मुकाम तक पहुँचाने के लिए स्टेटिशियन अहम भूमिका निभाता है किसी सर्वेक्षण को करने के लिए तीन से चार स्टेटिसीयन की जरूरत होती है। रिसर्च फील्ड और मार्केटिंग फील्ड मे काम करने वालों को देश से विदेश तक काम करने के भी अवसर मिलते हैं।

बैंकिंग सेक्टर

बैंकिंग के क्षेत्र मे भी स्टेटिस्टिक्स करने वालों छात्रों के लिए रोजगार के अच्छे अवसर मौजूद है। क्योंकि बैंकिंग में सांख्यनकी का जमकर उपयोग होता है । जमा राशि, कर्ज, ब्याज ये सही मूलभूत और बैंकों की अन्य आर्थिक गतिविधियों सांख्यनकी आधारित ही होती है। इसी तरह अकाउंटिंग का काम भी इसी के सिद्धांतों पर होता है।

 

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