नई दिल्ली। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली (Tikaram Jully) ने सोमवार को दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के साथ संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता कर राज्य में मतदाता सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया की आड़ में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की जा रही हैं और इसके पीछे सत्ताधारी दल तथा प्रशासनिक तंत्र की संदिग्ध भूमिका सामने आ रही है। Delhi Congress News
टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि राजस्थान में चल रही प्रक्रिया वास्तव में मतदाता सूची के शुद्धिकरण की नहीं, बल्कि चुनिंदा मतदाताओं को सूची से हटाने की कवायद है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पहले अन्य राज्यों में पुनरीक्षण को लेकर सवाल उठे थे, उसी तर्ज पर अब राजस्थान में भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। उनके अनुसार, चुनावी पराजय की आशंका से घबराकर सत्ताधारी दल मताधिकार को कमजोर करने की दिशा में काम कर रहा है।
9 जनवरी तक 4 आपत्तियां थीं, गृह मंत्री के दौरे के बाद अचानक 18,000 पार हो गईं
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री के हालिया जयपुर दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि उसके बाद अचानक बड़ी संख्या में आपत्ति प्रपत्र सामने आए, जो संदेह को और गहरा करता है। जूली के अनुसार, पहले जहां नाम हटाने से जुड़े मामलों की संख्या नगण्य थी, वहीं कुछ ही दिनों में यह आंकड़ा हजारों में पहुंच गया। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी संख्या में एक साथ आवेदन आना सामान्य प्रक्रिया नहीं हो सकती। Delhi Congress News
नेता प्रतिपक्ष ने इन प्रपत्रों की फोरेंसिक जांच की मांग करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया सभी फॉर्म एक ही स्थान पर छपे प्रतीत होते हैं। उन्होंने आग्रह किया कि यह पता लगाया जाए कि ये दस्तावेज कहां तैयार हुए, किसने इन्हें भेजा और किन माध्यमों से निर्वाचन कार्यालयों तक पहुंचाया गया। उनका दावा था कि इसके लिए कुछ जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई।
मेरे क्षेत्र अलवर ग्रामीण में 20,000 और रामगढ़ में 1383 फर्जी फॉर्म पकड़े गए
अपने विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए टीकाराम जूली ने बताया कि अलवर ग्रामीण क्षेत्र में कुछ ही दिनों में हजारों आपत्ति प्रपत्र दाखिल किए गए, जो सभी टाइप किए हुए थे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह से कंप्यूटर पर तैयार किए गए फॉर्मों का एक साथ आना अस्वाभाविक है और इससे केंद्रीकृत योजना की आशंका होती है।
उन्होंने रामगढ़ क्षेत्र का हवाला देते हुए कहा कि वहां एक ही दिन में बड़ी संख्या में प्रपत्र दाखिल किए गए, जिन पर कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षर पाए गए। जब इस पर सवाल उठे तो संबंधित लोगों ने स्वयं इनसे पल्ला झाड़ लिया, जिससे दस्तावेजों की प्रामाणिकता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। Delhi Congress News
संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर का उल्लेख करते हुए टीकाराम जूली ने कहा कि इस तरह की गतिविधियां समाज के कमजोर वर्गों के मताधिकार को प्रभावित करने की साजिश का संकेत देती हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि चुनावी प्रक्रिया के साथ इस प्रकार का हस्तक्षेप जारी रहा, तो लोकतंत्र की नींव कमजोर होगी।
प्रेस वार्ता के अंत में उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने कहा कि कथित जालसाजी के खिलाफ कानूनी कदम उठाए जाएंगे और यह लड़ाई सड़कों से लेकर न्यायालय तक लड़ी जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि दबाव में काम करने वाले अधिकारियों को यह समझना चाहिए कि कानून के दायरे में जवाबदेही से कोई नहीं बच सकता। Delhi Congress News















