इजरायल ने सोमालीलैंड के लिए अपना पहला राजदूत किया नियुक्त

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यरूशलम/हरगेसा। सोमालीलैंड के साथ अपने राजनयिक संबंधों को प्रगाढ़ करते हुए इजराइल ने आधिकारिक तौर पर इस आंशिक रूप से मान्यता प्राप्त देश के लिए अपना पहला राजदूत नियुक्त किया है। इजरायल के इस कदम की सोमालिया ने कड़ी निंदा की है और इसे ‘अनधिकृत घुसपैठ’ करार दिया है। इजरायल पिछले साल दिसंबर में सोमालीलैंड के साथ औपचारिक राजनयिक संबंध स्थापित करने वाला दुनिया का पहला देश बना था। सोमालीलैंड ने 1991 में गृहयुद्ध के बाद सोमालिया से अलग होकर खुद को एक स्वतंत्र राज्य घोषित किया था।

इजरायली विदेश मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में अफ्रीका के लिए आर्थिक राजदूत के रूप में कार्यरत माइकल लोटेम सोमालीलैंड में इजरायल के राजदूत का पद संभालेंगे। इजरायल का सोमालीलैंड को मान्यता देने का निर्णय उसकी विदेश नीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। दरअसल, तीन दशकों से अधिक समय से अपनी स्वयं की सरकार, मुद्रा, सेना और पासपोर्ट प्रणाली होने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोमालीलैंड को मान्यता नहीं मिली थी।
इजरायली राजदूत की यह नियुक्ति दोनों पक्षों के बीच संबंधों को औपचारिक बनाने की दिशा में उठाए गए सिलसिलेवार कदमों का हिस्सा है। इससे पहले जनवरी में इजरायली विदेश मंत्री गिदोन सार ने सोमालीलैंड का दौरा किया था, वहीं सोमालीलैंड ने फरवरी में मोहम्मद हागी को यरूशलम में अपना राजदूत नामित किया था। रणनीतिक रूप से सोमालीलैंड की स्थिति अदन की खाड़ी के पास होने के कारण अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री नौवहन गलियारों में से एक है। विशेष रूप से वहां का बरबेरा बंदरगाह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी दिलचस्पी का केंद्र बना हुआ है।

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