issues

मुद्दे बनाम राजनीति

पंजाब विधान सभा का एक दिवसीय मानसून सत्र बड़े ही गंभीर सवाल छोड़ गया है, जो राजनीतिक पतन का प्रमाण है। पंजाब के 29 विधायक कोरोना पीड़ित और कई उनके संपर्क में हैं। विपक्ष आम आदमी पार्टी का भी विधायक मनजीत सिंह बिलासपुर भी कोरोना पीड़ित है व पार्टी के कई विधायक उनके संपर्क में […]
सम्पादकीय 

सरसा में स्वास्थ्य मामलों की जांच के लिए बनेगा ‘चिकित्सक बोर्ड’

कष्ट निवारण समिति की बैठक में राज्यमंत्री कृष्ण बेदी ने 30 में से 14 शिकायतों का किया निपटारा राज्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग की तीन शिकायतों पर दिखाई तल्खी सच कहूँ-सुनील वर्मा/सरसा। पंचायत भवन में शनिवार को आयोजित कष्ट निवारण समिति की बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री राज्य मंत्री कृष्ण कुमार बेदी के समक्ष […]
हरियाणा 

आर्थिक मुद्दे राजनीतिक सोच से नहीं निपटते

नीति आयोग की बैठक में प्रधानमंत्री ने इस बात को कबूल किया है कि अभी दो अंकों की विकास दर भारत के लिए सपना ही है, जिसके लिए बहुत कुछ करना पड़ेगा। मीटिंग में मुद्दों की बात तो हुई पर कारणों पर विचार करने के लिए जोर नहीं दिया गया। कहनेभर को यह केन्द्र व […]
सम्पादकीय 

गौरक्षा को बनाया जाए सामाजिक मुद्दा

गौवंश से होने वाले हादसों का मामला सच में ही गम्भीर है और इस पर विचार होना जरूरी भी है। जहां सड़कों पर घूमता बेपनाह गौवंश परेशानी का सबब है वहीं गौशालाओं में भी बीमारी की मार झेल रहा है। ऐसी हालत में आखिर पशु क्या करें।गौवंश को अवारा कह कर पुकारने वालो से मैं […]
लेख 

नॉर्थ कोरिया मुद्दे को लेकर चीन पर दबाव बनाएंगे ट्रम्प

वॉशिंगटन। अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प अगले महीने चीन के दौरे पर जा रहे हैं। इस दौरान वो चीनी प्रेसिडेंट शी जिनपिंग से नॉर्थ कोरिया को समझाने के लिए दबाव बनाएंगे। इस दौरे को लेकर ट्रम्प का असल मकसद दुनियाभर के देशों से नॉर्थ कोरिया को अलग करना है। बता दें, नॉर्थ कोरिया के न्यूक्लियर वेपन्स […]
विदेश  फटाफट न्यूज़ 

राष्ट्रीय समस्याएं बने मुद्दा

देश के पूर्वोत्तर राज्यों में बाढ़ से 26 जिलों के लाखों लोग प्रभावित हैं। भारी वर्षा से जन-धन दोनों की हानि हो रही है। काजीरंगा नेशनल पार्क के जीव-जंतुओं का जीवन संकट में पड़ा हुआ है। संसद में किसी भी राजनीतिक दल ने बाढ़ व उससे हो रही क्षति को लेकर अपनी चुप्पी नहीं तोड़ी […]
सम्पादकीय 

पर्यावरण मुद्दों पर अमेरिका का दोहरा आचरण

पेरिस समझौते से बाहर आकर अमेरिका ने अपनी पारंपरिक आार्थिक पूंजीवादी सम्राज्यवाद की नीतियों का ही प्रमाण है। सन 2015 में हुए पैरिस समझौते पर 72 देशों ने हस्ताक्षर किए थे। अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस समझौते से खुशी जताई थी। विकासशील देशों को इस समझौते पर संतुष्टि हुई थी, क्योंकि इससे […]
सम्पादकीय