विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियन बनने के बाद अनाहत का आया बड़ा बयान

'मुझे अभी भी लग रहा है कि मैं सपना देख रही हूं'

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World Junior Squash Championship: ओंटारियो। भारतीय स्क्वैश की उभरती सितारा अनाहत सिंह ने विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप का खिताब जीतकर देश के खेल इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ वह विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियन बनने वाली भारत की पहली खिलाड़ी बन गई हैं। खिताब जीतने के बाद उन्होंने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनके लिए किसी सपने के सच होने से कम नहीं है।

अनाहत ने कहा कि पिछले कई वर्षों से वह इस प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन के लिए संघर्ष कर रही थीं। कई बार अंतिम चार तक पहुंचने के बावजूद खिताब जीतने का सपना अधूरा रह गया था। ऐसे में जूनियर वर्ग के अपने अंतिम वर्ष में विश्व चैंपियन बनना उनके लिए बेहद भावुक और यादगार पल है। उन्होंने बताया कि इस बार उन्होंने स्वयं पर अनावश्यक दबाव नहीं बनने दिया। उनका लक्ष्य केवल अपने खेल का आनंद लेना और प्रत्येक अंक पर पूरा ध्यान केंद्रित करना था। इसी सकारात्मक सोच ने उन्हें फाइनल तक पहुंचने और खिताब जीतने में मदद की।

फाइनल में मिस्र की खिलाड़ी को हराकर जीता खिताब फाइनल मुकाबले में अनाहत सिंह ने मिस्र की मजबूत खिलाड़ी रुकैया सलेम को सीधे गेमों में 11-3, 11-7 और 11-9 से पराजित किया। पूरे टूर्नामेंट के दौरान उन्होंने बेहतरीन लय बनाए रखी और किसी भी मुकाबले में दबाव को अपने प्रदर्शन पर हावी नहीं होने दिया।

इससे पहले वह विश्व जूनियर प्रतियोगिता के क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल तक पहुंच चुकी थीं, लेकिन इस बार उन्होंने अपने अनुभव का पूरा लाभ उठाते हुए स्वर्णिम सफलता हासिल की। वह वर्ष 2005 के बाद विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय भी बनीं।

स्क्वैश रैकेट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसआरएफआई) के महासचिव साइरस पोंचा ने अनाहत की जीत को भारतीय स्क्वैश के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि वर्षों की मेहनत और सुनियोजित प्रशिक्षण का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि अनाहत आने वाले वर्षों में वरिष्ठ स्तर पर भी भारत का नाम विश्व मंच पर रोशन करेंगी। साइरस पोंचा ने यह भी कहा कि भारतीय स्क्वैश को व्यक्तिगत स्पर्धा में विश्व चैंपियन दिलाने का सपना अब साकार हो गया है, जो देश के खेल जगत के लिए अत्यंत गौरव का विषय है।

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