तेजप्रताप यादव की गिरफ्तारी पर विवाद, अधिवक्ता ने कानूनी प्रक्रिया पर जताई आपत्ति
आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने का लगाया आरोप
Tej Pratap Yadav Arrest: पटना। जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव की गिरफ्तारी को लेकर उनके अधिवक्ता ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर प्रश्न उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि गिरफ्तारी के दौरान निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन नहीं किया गया तथा गिरफ्तारी से संबंधित आवश्यक दस्तावेज समय पर उपलब्ध नहीं कराए गए। Bihar News
पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता जगन्नाथ सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि तेजप्रताप यादव को 25 जुलाई की शाम पटना के एक शॉपिंग मॉल से पुलिस ने हिरासत में लिया था। उनका कहना है कि संबंधित परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग से हिरासत में लेने का समय और स्थान स्पष्ट हो सकता है। अधिवक्ता के अनुसार, गिरफ्तारी के समय पुलिस अधिकारियों ने यह स्पष्ट नहीं किया कि किस मामले में कार्रवाई की जा रही है। बाद में प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी दी गई, लेकिन तत्काल उसकी प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई।
उन्होंने बताया कि रात में वह नौबतपुर थाने पहुंचे, जहां मौजूद अधिकारियों से गिरफ्तारी के आधार के संबंध में जानकारी मांगी गई। उनका आरोप है कि उस समय भी स्पष्ट उत्तर नहीं दिया गया। बाद में पुलिस ने बताया कि संबंधित मामला गांधी मैदान थाना क्षेत्र से जुड़ा है और वहीं से प्राथमिकी भेजी जाएगी। Bihar News
दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग
जगन्नाथ सिंह ने आरोप लगाया कि मजिस्ट्रेट के समक्ष पेशी के दौरान आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए बिना हस्ताक्षर कराने का प्रयास किया गया, जिसका उन्होंने विरोध किया। उनके अनुसार, न्यायालय के निर्देश के बाद उन्हें केवल गिरफ्तारी ज्ञापन (मेमो ऑफ अरेस्ट) की प्रति दी गई, जबकि प्राथमिकी, आरोपों का विवरण और रिमांड आदेश की प्रतियां उपलब्ध नहीं कराई गईं। उन्होंने बताया कि तेजप्रताप यादव की रिहाई के लिए न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया गया है। अदालत ने नियमित प्रक्रिया के तहत सोमवार को जमानत याचिका दाखिल करने का निर्देश दिया है।
उल्लेखनीय है कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर शनिवार को हुए प्रदर्शन के बाद पुलिस ने तेजप्रताप यादव को गिरफ्तार किया था। देर रात उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में बेऊर केंद्रीय कारागार भेज दिया। फिलहाल, अधिवक्ता द्वारा लगाए गए आरोपों पर पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। Bihar News