Mann Ki Baat: सब जानते हैं मेरा चाय से क्या रिश्ता: पीएम मोदी
बिजनौर की महिलाओं के स्वदेशी हर्बल टी ब्रांड की पीएम मोदी ने की प्रशंसा
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ (Mann Ki Baat) के नवीनतम संस्करण में उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले की महिलाओं के आत्मनिर्भरता अभियान की सराहना की। उन्होंने लखीवाला गांव की स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं द्वारा तैयार की जा रही ‘विदुर प्रेरणा स्वदेशी हर्बल टी’ को ग्रामीण उद्यमिता और महिला सशक्तीकरण का प्रेरक उदाहरण बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में चाय केवल एक पेय पदार्थ नहीं, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक जुड़ाव का प्रतीक है। उन्होंने उल्लेख किया कि देशभर में चाय लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने का माध्यम रही है। इसी क्रम में उन्होंने बिजनौर की महिलाओं की उस पहल का उल्लेख किया, जिसने पारंपरिक ज्ञान को स्वरोजगार में बदल दिया।
औषधीय गुणों से भरपूर हर्बल चाय बनी पहचान
प्रधानमंत्री ने बताया कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने प्राकृतिक जड़ी-बूटियों और पारंपरिक औषधीय तत्वों से युक्त ‘विदुर प्रेरणा स्वदेशी हर्बल टी’ विकसित की है। इस हर्बल चाय में लेमनग्रास, गिलोय, तुलसी, मुलेठी, कच्ची हल्दी, दालचीनी, इलायची और सौंफ जैसी प्राकृतिक सामग्रियों का उपयोग किया जाता है, जो इसे विशिष्ट स्वाद और स्वास्थ्यवर्धक गुण प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि कम समय में इस उत्पाद ने लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई है। प्रयागराज महाकुंभ और दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय खाद्य महोत्सव जैसे बड़े आयोजनों में इस हर्बल चाय को व्यापक सराहना मिली। विदेशी आगंतुकों ने भी इसमें विशेष रुचि दिखाई।
छोटी शुरुआत से बड़ी सफलता तक का सफर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस पहल की सबसे प्रेरणादायक बात इसकी साधारण शुरुआत है। उन्होंने बताया कि यह उद्यम लगभग एक लाख रुपये की प्रारंभिक पूंजी से शुरू हुआ था। आज यह उत्पाद देश के कई प्रमुख संस्थानों तक अपनी पहुंच बना चुका है और महिलाओं के लिए आय का सशक्त माध्यम बन गया है।
उन्होंने कहा कि यह उदाहरण दर्शाता है कि जब स्थानीय संसाधनों, पारंपरिक ज्ञान और महिलाओं के आत्मविश्वास का समन्वय होता है, तो छोटे स्तर पर शुरू हुआ प्रयास भी बड़े सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन का आधार बन सकता है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि देश के विभिन्न क्षेत्रों में ऐसे नवाचार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ महिला सशक्तीकरण और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को भी गति प्रदान करेंगे।