Paper Leak Case: पेपर लीक मामले में कड़े दंड वाले विधेयक को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी
सख्त सजा दिलाने वाला विधेयक संसद में जल्द होगा पेश
Paper Leak Case: नई दिल्ली। प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे प्रश्नपत्र लीक के मामलों पर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को ऐसे मामलों में कड़ी सजा और त्वरित न्यायिक प्रक्रिया का प्रावधान करने वाले प्रस्तावित विधेयक को मंजूरी प्रदान कर दी। सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस विधेयक को अगले सप्ताह संसद में प्रस्तुत किए जाने की संभावना है। हाल के महीनों में विभिन्न भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाओं में कथित पेपर लीक की घटनाओं के बाद छात्रों और अभिभावकों में व्यापक असंतोष देखा गया है। इसी मुद्दे को लेकर संसद के दोनों सदनों में भी लगातार चर्चा और विरोध दर्ज किया जा रहा है। Central Government News
सरकार ने पहले ही दिए थे सख्त कार्रवाई के संकेत
मंत्रिमंडल की बैठक से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो संदेश जारी कर संकेत दिया था कि सरकार परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए कठोर कानूनी ढांचा तैयार करने पर काम कर रही है। उन्होंने कहा था कि प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाएं लाखों विद्यार्थियों के भविष्य और उनके परिवारों की उम्मीदों को प्रभावित करती हैं, इसलिए इनके विरुद्ध प्रभावी और कठोर कार्रवाई आवश्यक है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा था कि प्रस्तावित व्यवस्था में ऐसे मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि दोषियों के खिलाफ शीघ्र कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। Central Government News
संसद में पेश होने की संभावना
कैबिनेट की स्वीकृति मिलने के बाद अब इस विधेयक पर संसद की मुहर लगना बाकी है। सूत्रों का कहना है कि अगले सप्ताह इसे संसद के समक्ष विचारार्थ रखा जा सकता है। यदि विधेयक पारित होता है, तो प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी और प्रश्नपत्र लीक से जुड़े मामलों के लिए दंडात्मक प्रावधान पहले की तुलना में अधिक कठोर हो सकते हैं।
इसी बीच केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग में प्रशासनिक स्तर पर भी बदलाव किया है। 1994 बैच के राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया गया है। उन्होंने इस पद पर विनीत जोशी का स्थान लिया है। सरकार का मानना है कि परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता, जवाबदेही और विश्वसनीयता को मजबूत करने के लिए प्रशासनिक सुधारों के साथ-साथ सख्त कानूनी प्रावधान भी आवश्यक हैं। Central Government News