बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी के बाद तनाव, नागरिक की मौत पर जांच की मांग तेज
कई घायल, घायलों में आम नागरिक भी शामिल
Pakistani Army firing: क्वेटा (एजेंसी)। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के खुजदार जिले में गोलीबारी की एक घटना के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस घटना में एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई, जबकि महिलाओं और बच्चों सहित कई अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने विरोध-प्रदर्शन करते हुए मुख्य मार्ग पर धरना दिया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
रिपोर्टों के मुताबिक, यह घटना खुजदार जिले के वाध क्षेत्र के ड्राखाला-गैसलाती इलाके में हुई। प्रदर्शनकारियों ने मृतक की पहचान अब्दुल कादिर के रूप में बताते हुए आरोप लगाया कि गोलीबारी आबादी वाले क्षेत्र में हुई। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने जिम्मेदार पक्ष के विरुद्ध कार्रवाई और पारदर्शी जांच की मांग की।
स्थानीय मीडिया और मानवाधिकार समूहों के अनुसार, बलूच नेशनल मूवमेंट (BNM) के अध्यक्ष नसीम बलूच ने घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं, स्वतंत्र मीडिया और मानवाधिकार संगठनों को क्षेत्र की स्थिति का आकलन करने की अनुमति दिए जाने की मांग भी उठाई।
कर्फ्यू और प्रतिबंधों पर भी उठे सवाल
मानवाधिकार संगठन बलोच वॉयस फॉर जस्टिस (BVJ) ने बलूचिस्तान के विभिन्न क्षेत्रों में लागू कर्फ्यू, इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध और आवाजाही में लगाए गए नियंत्रणों पर भी चिंता व्यक्त की है। संगठन का कहना है कि इन प्रतिबंधों का असर आम नागरिकों के दैनिक जीवन पर पड़ रहा है। संगठन के अनुसार, लंबे समय तक प्रतिबंध लागू रहने से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा और स्थानीय व्यापार प्रभावित हो रहे हैं। विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
मानवाधिकार संगठनों ने घटना की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा है कि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना किसी भी राज्य की मूल जिम्मेदारी है। उन्होंने अपील की कि यदि किसी प्रकार की लापरवाही या कानून का उल्लंघन हुआ है, तो जांच के बाद जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।