डूबने से 3 लाख मौतें! WHO ने जारी किए जान बचाने के 7 प्रभावी उपाय
बच्चों और परिवारों के लिए जरूरी सुझाव
World Drowning Prevention Day: नई दिल्ली। जल दुर्घटनाएं आज भी वैश्विक स्तर पर एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बनी हुई हैं। प्रत्येक वर्ष विश्वभर में लगभग तीन लाख लोगों की जान डूबने की घटनाओं में चली जाती है। इन मृतकों में बड़ी संख्या बच्चों की होती है, जिससे यह समस्या और भी चिंताजनक बन जाती है। इसी खतरे को कम करने के उद्देश्य से विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 25 जुलाई को मनाए जाने वाले विश्व डूबने से बचाव दिवस से पहले एक नया तकनीकी दिशा-निर्देश जारी किया है। WHO News
डब्ल्यूएचओ के अनुसार, डूबने की अधिकांश घटनाएं नदियों, तालाबों, झीलों, कुओं, जलाशयों और स्विमिंग पूलों में होती हैं। निम्न एवं मध्यम आय वाले देशों में इस प्रकार की दुर्घटनाएं सबसे अधिक दर्ज की जाती हैं, जहां वैश्विक स्तर पर होने वाली 90 प्रतिशत से अधिक घटनाएं सामने आती हैं।
सुरक्षा के लिए सात प्रमुख उपाय सुझाए | WHO News
डब्ल्यूएचओ ने 'प्रोटेक्ट' (PROTECT) नामक पहल के अंतर्गत सात ऐसे प्रभावी उपाय सुझाए हैं, जिनसे डूबने की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।
- जल स्रोतों के आसपास सुरक्षित अवसंरचना विकसित की जाए।
- दुर्घटना की स्थिति में त्वरित बचाव, सीपीआर और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था मजबूत हो।
- जल क्षेत्रों में कार्य करने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
- नाव, फेरी और अन्य जल परिवहन सेवाओं में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाए।
- विद्यालय स्तर पर बच्चों को तैराकी तथा जल सुरक्षा का प्रशिक्षण दिया जाए।
- छोटे बच्चों की निगरानी और देखभाल की प्रभावी व्यवस्था हो।
- बाढ़ एवं प्राकृतिक आपदाओं से पहले व्यापक तैयारी और बचाव योजनाएं लागू की जाएं।
जलवायु परिवर्तन बढ़ा रहा है जोखिम
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेताया है कि जलवायु परिवर्तन के कारण बाढ़, तूफान और अत्यधिक गर्मी जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं। गर्म मौसम में लोग अधिक संख्या में जलाशयों और स्विमिंग पूलों की ओर आकर्षित होते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है। विभिन्न अध्ययनों के अनुसार तापमान में वृद्धि के साथ डूबने की घटनाओं में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई है।
घाना से हुई अभियान की शुरुआत
इस वर्ष डब्ल्यूएचओ ने अपना नया तकनीकी पैकेज अफ्रीकी देश घाना में जारी किया है, जहां प्रतिवर्ष लगभग 1,100 लोगों की डूबने से मृत्यु होती है। इनमें बच्चों और युवाओं की संख्या सबसे अधिक है। संगठन का मानना है कि यदि सुझाए गए उपायों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए तो हजारों लोगों का जीवन सुरक्षित किया जा सकता है।
सामूहिक प्रयास से घटेंगी दुर्घटनाएं
इस वर्ष विश्व डूबने से बचाव दिवस की थीम "हालात बदलने के लिए एकजुट हों" रखी गई है। इसका उद्देश्य सरकार, स्थानीय प्रशासन, शैक्षणिक संस्थानों, परिवारों और समाज को एक साथ जोड़कर जल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि सामूहिक प्रयासों और समय पर अपनाए गए सुरक्षा उपायों से हर वर्ष होने वाली हजारों जानलेवा जल दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। WHO News