TET अनिवार्य विषय पर शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा हेतु सार्थक पहल

शिक्षक संघ ने सांसद को सौंपा ज्ञापन

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ग्रेटर नोएडा  (सच कहूँ/भंवर सिंह भाटी)। Greater Noida: आज टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मेघराज भाटी की उपस्थिति में एवं उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, जनपद गौतमबुद्धनगर के जिला अध्यक्ष प्रवीण शर्मा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने माननीय सांसद डॉ. महेश शर्मा जी से भेंट कर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नाम ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में मांग की गई कि एनसीटीई द्वारा दिनांक 23 अगस्त 2010 को निर्धारित न्यूनतम योग्यता के पैरा-4 को संसद से पारित कर निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) में समुचित रूप से सम्मिलित किया जाए। साथ ही, आरटीई अधिनियम, 2009 की धारा 23, जो शिक्षकों की न्यूनतम योग्यता से संबंधित है, उसमें आवश्यक संशोधन किए जाएँ, क्योंकि वर्ष 2017 में किए गए संशोधनों के कारण देश एवं प्रदेश के बड़ी संख्या में सेवारत शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं।

प्रतिनिधिमंडल ने माननीय सांसद जी से अनुरोध किया कि 20 जुलाई से प्रारंभ होने वाले संसद सत्र में इस महत्वपूर्ण विषय को प्रमुखता से उठाकर प्रभावित शिक्षकों को न्याय दिलाने का प्रयास करें। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मेघराज भाटी जी ने कहा कि जब शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी, तब उन्होंने उस समय लागू शासनादेश और सभी निर्धारित नियमों का पूर्ण पालन किया था। ऐसे में वर्षों बाद केवल शिक्षकों को ही निशाना बनाना न्यायसंगत नहीं है।

यदि नियुक्तियों की वैधता पर प्रश्न उठाना है, तो फिर सभी विभागों के क्लास-वन अधिकारियों सहित अन्य सरकारी नियुक्तियों की भी समान रूप से समीक्षा या परीक्षा होनी चाहिए। अन्यथा शिक्षकों के साथ न्याय करते हुए उनकी बात सुनी जाए और उन्हें अनावश्यक मानसिक, सामाजिक एवं प्रशासनिक परेशानी से बचाया जाए।
न्याय सबके लिए समान होना चाहिए, केवल शिक्षकों के लिए अलग मानदंड स्वीकार्य नहीं हैं।

उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, गौतमबुद्धनगर के जिला अध्यक्ष प्रवीन शर्मा जी ने कहा कि यदि वर्ष 2017 में पारित शासनादेश/प्रावधान को भारत सरकार द्वारा वापस नहीं लिया गया या उसमें आवश्यक संशोधन नहीं किया गया, तो पूरे भारत के लाखों शिक्षक और उनके परिवार आवास संबंधी गंभीर संकट का सामना कर सकते हैं।

उन्होंने गौतमबुद्धनगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा जी से आग्रह किया है कि आगामी मानसून सत्र में लोकसभा के प्रश्नकाल के दौरान इस महत्वपूर्ण विषय को उठाएं तथा वर्ष 2017 में पारित प्रावधान में आवश्यक संशोधन कराने की पहल करें, ताकि देशभर के शिक्षकों के हितों की रक्षा सुनिश्चित हो सके।

माननीय डॉ. महेश शर्मा जी ने शिक्षक प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि "आपकी मांग पूरी तरह न्यायोचित है। मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि इस विषय को संसद में अवश्य उठाऊँगा और आपकी बात को पूरी गंभीरता से रखूँगा।"

हम माननीय सांसद जी का हृदय से आभार व्यक्त करते हैं और आशा करते हैं कि सरकार शिक्षकों की इस न्यायसंगत मांग पर सकारात्मक निर्णय लेकर पूरे भारत देश के लाखों प्रभावित शिक्षकों को राहत प्रदान करेगी।

प्रतिनिधि मंडल में टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मेघराज भाटी, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष प्रवीन शर्मा, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष बलेराम नागर, ब्लॉक अध्यक्ष जेवर हेमराज शर्मा,बिसरख स्मिता सिंह, दनकौर सतीश पीलवान, दादरी रवि भाटी , ब्लॉक मंत्री जेवर रौदास सिंह, दनकौर रामकुमार शर्मा,जिला उपाध्यक्ष ब्रजेशपाल, रामकिशन शर्मा, ज्योतिर्मय पांडेय,प्रीति पांडेय, अतुल उपाध्याय,

आलेख नागर, नरेश पीलवान,सुमनलता पटेल, कमलेश यादव,मनीष तिवारी, विनीत रावत, शौकत अली, धीरज शर्मा, सुदर्शन शर्मा,हरेन्द्र सिंह,रिचा त्रिपाठी, अनिल भाटी, अरूण नाथ तिवारी ,शशि मिश्रा ,सीमा तिवारी,गीता अगरतानिया, लता पाठक, गुलशन ,प्रदीप आर्य, अमर भाटी,दीवान सिंह,मुनीश चौधरी,अनिल चौधरी,विनोद ठाकुर,कल्पना शर्मा ,तरुण चौहान ,भागवत स्वरूप शर्मा,पवन कुमार, मोहम्मद असलम, प्रवीन भाटी, कमरू निशा , इंद्रप्रताप सिंह आदि सैकड़ों शिक्षक ज्ञापन में उपस्थित रहे।

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