कांग्रेस ने परीक्षाओं के पर्चे लीक होने की उच्चतम न्यायालय से जांच कराने और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की

कांग्रेस ने परीक्षाओं के पर्चे लीक होने की उच्चतम न्यायालय से जांच कराने और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की

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बेंगलुरु। कांग्रेस ने परीक्षाओं के पर्चे बार-बार लीक होने के मामले की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में देशव्यापी जांच कराने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। कांग्रेस का आरोप है कि बार-बार होने वाली इन गड़बड़ियों ने 'युवाओं के साथ विश्वासघात' किया है और देश की परीक्षा प्रणाली पर लोगों का भरोसा पूरी तरह तोड़ दिया है।

कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने रविवार को यहाँ एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि यह मामला अब किसी एक परीक्षा तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह पूरे तंत्र की नाकामी को दिखाता है जिसने लाखों छात्रों के भविष्य को दांव पर लगा दिया है।
श्री हरिप्रसाद ने उच्चतम न्यायालय के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अगुवाई में और शीर्ष अदालत की देखरेख में एक स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए कहा कि इस जांच को राजनैतिक दखल से पूरी तरह दूर रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "यह किसी खास परीक्षा के खिलाफ लड़ाई नहीं है, बल्कि यह करोड़ों छात्रों के भविष्य को बचाने की लड़ाई है।"

हरिप्रसाद ने राजनैतिक हमला तेज करते हुए आरोप लगाया कि साल 2014 से अब तक देश भर में 152 परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हो चुके हैं, जिनमें से कई मामले भाजपा शासित राज्यों में हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ मामलों की जांच के तार महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों में भाजपा नेताओं के परिवारों से जुड़े पाए गए हैं।

उन्होंने मांग की कि इन गड़बड़ियों की 'नैतिक जिम्मेदारी' लेते हुए धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार से सवाल किया कि पिछले 10 सालों में कुल कितने परीक्षाओं के पर्चे लीक हुए हैं, कितने मामलों में दोषियों को सजा मिली है, और बार-बार आश्वासन दिए जाने के बाद भी ऐसी घटनाएं क्यों रुक नहीं रही हैं?

नीट-यूजी परीक्षा से जुड़े विवाद का जिक्र करते हुए हरिप्रसाद ने आरोप लगाया कि परीक्षा में हुई धांधलियों की वजह से लगभग 23 लाख छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। उन्होंने कहा, "माता-पिता अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए भारी कर्ज लेते हैं और बड़ी कुर्बानियां देते हैं। जब परीक्षाओं से ठीक पहले प्रश्नपत्र लीक हो जाते हैं, तो यह छात्रों और उनके परिवारों के सपनों को चकनाचूर कर देता है।" उन्होंने इन घटनाओं को भारत के युवाओं के साथ एक बड़ा धोखा बताया।

हरिप्रसाद ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को आने वाले संसद सत्र सहित पूरे देश में लगातार उठाएगी, क्योंकि छात्रों को एक पारदर्शी और विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली पाने का पूरा हक है। राजस्थान के कोटा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के हालिया 'छात्रों की गूंज' जनसंपर्क कार्यक्रम का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इस मुहिम का मकसद प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर बढ़ते तनाव और छात्रों पर बढ़ते दबाव के बीच उनकी चिंताओं को समझना था। उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी ने श्री गांधी को कर्नाटक के छात्रों के साथ भी इसी तरह की बातचीत करने के लिए आमंत्रित किया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा, "सरकार कानूनी और नैतिक रूप से छात्रों और उनके परिवारों के सवालों का जवाब देने के लिए बंधी हुई है।"

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