Kargil Vijay Diwas: अब पाकिस्तान से सिर्फ 'कश्मीर को लेकर' बात होगीः राजनाथ सिंह

कारगिल विजय दिवस पर रक्षा मंत्री का स्पष्ट संदेश

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Kargil Vijay Diwas: नई दिल्ली। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश के वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमाओं की रक्षा के प्रति भारत की अटूट प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि देश की संप्रभुता और अखंडता से किसी भी प्रकार का समझौता संभव नहीं है तथा राष्ट्रीय हित सर्वोपरि हैं।

कारगिल युद्ध स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल एक ऐतिहासिक तिथि नहीं, बल्कि साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। यह दिन देश के युवाओं को व्यक्तिगत उपलब्धियों से ऊपर उठकर राष्ट्रसेवा के महत्व को समझने की प्रेरणा देता है।

भारत विकास के मार्ग पर, आतंकवाद का होगा सख्त जवाब

राजनाथ सिंह ने कहा कि आज भारत विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और डिजिटल प्रगति के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। वहीं, जो शक्तियां आतंकवाद और अस्थिरता फैलाने का प्रयास करती हैं, उनके विरुद्ध भारतीय सुरक्षा बल पूरी क्षमता और दृढ़ संकल्प के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि भारत की प्राथमिकता विकास, शांति और वैश्विक सहयोग है, जबकि किसी भी प्रकार की आतंकवादी गतिविधि को कड़ी प्रतिक्रिया मिलेगी।

रक्षा मंत्री ने हाल में सफल रहे ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अभियान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत अपनी सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए आवश्यक हर कदम उठाने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को संरक्षण देने या भारत की सुरक्षा को चुनौती देने वाले तत्वों को उनकी हरकतों का कठोर परिणाम भुगतना पड़ेगा।

कारगिल के वीरों को किया नमन

उन्होंने कहा कि वर्ष 1999 में कारगिल की दुर्गम चोटियों पर भारतीय सैनिकों ने अद्वितीय साहस, अनुशासन और बलिदान का परिचय देते हुए दुश्मन के मंसूबों को विफल कर दिया था। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद जवानों ने असाधारण वीरता दिखाकर देश की सीमाओं की रक्षा की और तिरंगे की शान को अक्षुण्ण रखा।

राजनाथ सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद से जब-जब देश के सामने कोई संकट आया, तब-तब भारतीय सशस्त्र बलों ने अपने अदम्य साहस और समर्पण से राष्ट्र का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में भी सैनिक उसी निष्ठा और पराक्रम के साथ देश की सीमाओं की रक्षा करते रहेंगे।

अपने संबोधन के अंत में रक्षा मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार भारतीय सशस्त्र बलों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि देश की जनता और संसद को अपनी सेना पर पूर्ण विश्वास है। जब तक भारतीय सैनिक सीमाओं की रक्षा में तैनात हैं, तब तक देश की सुरक्षा और सम्मान अक्षुण्ण रहेगा।

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