FSSAI News: चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस में एफएसएसएआई की बड़ी कार्रवाई

खराब गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ बेचने पर सोपन रेस्टोरेंट पर लगाया जुर्माना

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Chandigarh-Dibrugarh Express: नई दिल्ली (एजेंसी)। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस की पेंट्री कार में खाद्य गुणवत्ता संबंधी अनियमितता पाए जाने पर खाद्य सेवा प्रदाता सोपन रेस्टोरेंट के विरुद्ध कार्रवाई की है। जांच में दूध का नमूना निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरने के बाद संबंधित संस्था पर जुर्माना लगाया गया। एफएसएसएआई द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, ट्रेन की पेंट्री कार से नोवा फ्लेवर्ड डबल टोंड मिल्क का नमूना परीक्षण के लिए लिया गया था। इस नमूने की जांच असम की राज्य जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला में कराई गई, जहां परीक्षण रिपोर्ट में इसे खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अनुरूप गुणवत्ता मानकों से कम पाया गया। FSSAI News

जांच रिपोर्ट के बाद शुरू हुई कानूनी प्रक्रिया

प्रयोगशाला की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे के नामित खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने संबंधित निर्माता और अन्य पक्षों को जांच निष्कर्ष भेजे। इसके बाद अलीपुरद्वार के निर्णयन अधिकारी ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 68 के तहत विधिक प्रक्रिया प्रारंभ करते हुए नोटिस जारी किया। सुनवाई और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित अधिकृत प्रतिनिधि पर मानक से कम गुणवत्ता वाला खाद्य उत्पाद उपलब्ध कराने के मामले में आर्थिक दंड लगाने का आदेश जारी किया गया। हालांकि, नियामक संस्था ने जुर्माने की राशि सार्वजनिक नहीं की है। FSSAI News

देशभर में जारी है गुणवत्ता जांच अभियान

एफएसएसएआई इन दिनों खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर देशव्यापी निगरानी अभियान चला रहा है। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना है। इसी क्रम में हाल ही में पंजाब स्थित एक हेल्थ सप्लीमेंट और न्यूट्रास्यूटिकल्स निर्माण इकाई का लाइसेंस भी निलंबित किया गया था। निरीक्षण के दौरान वहां कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर उत्पादन गतिविधियां अस्थायी रूप से रोकने के निर्देश दिए गए थे। नियामक ने स्पष्ट किया है कि सभी कमियों को दूर करने और सक्षम प्राधिकारी के सत्यापन के बाद ही उत्पादन दोबारा शुरू किया जा सकेगा। FSSAI News

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