हवलदार जबरसिंह इन्सां की मृतदेह पर रिसर्च करेंगे मेडिकल छात्र

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Body-Donation

नम आंखों से साध-संगत ने दी विदाई (Body Donation)

ग्रेटर नोएडा (सच कहूँ न्यूज)। डेरा सच्चा सौदा के सेवादार हवलदार जबरसिंह इन्सां अपनी श्वासों रूपी पूंजी पूरी कर नश्वर शरीर को त्यागने पर परिजनों ने उनकी देह को मेडिकल रिसर्च सेंटर जेएस मेडिकल कॉलेज पिलखुवा उत्तर प्रदेश को समर्पित कर दिया है। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-दो निवासी हवलदार जबरसिंह (80) इन्सां बीती रात श्वासों रूपी पूंजी पूरी कर मालिक के चरणों में सचखंड जा विराजे। उनके परिवार में उनकी पत्नी, दो बेटे, बेटियां, बहुएं व पोते पोतियों है। जबरसिंह इन्सां बरवंदपुर गुलावटी के रहने वाले थे लेकिन अब काफी समय से ग्रेटर नोएडा के सेक्टर दो में सम्पूर्ण परिवार सहित रह रहे थे। वीरवार को जबरसिंह इन्सां के पार्थिव शरीर को अंतिम विदाई देने के लिए डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों ने अरदास लगाकर अंतिम यात्रा शुरू की। जबरसिंह इन्सां की बेटियों व बेटों ने अपने पिताजी की अर्थी को कंधा देकर अपना फर्ज अदा किया।

जबर सिंह इन्सां की अंतिम यात्रा के दौरान जब तक सूरज चांद रहेगा जबरसिंह इन्सां तेरा नाम रहेगा…के नारों से वातावरण गुंजायमान हो गया। इस दौरान 45 मैंबर टेकचंद नागर इन्सां, नरेंद्र नागर इन्सां, 25 मैंबर राजकुमार इन्सां, भंवर सिंह भाटी इन्सां, प्रमोद कुमार एंड, सेवा समिति के भाई अरविंद, डालचंद, अभिषेक, रवि, प्रकाश व रामकुमार तथा ब्लाक भंगीदास भाई, महेंद्र सिंह, जगदीश, सतेंद्र कुमार, डालचंद इन्सां सहित बड़ी संख्या में लोग विदाई देने के लिए पहुंचे।

35 वर्षों से डेरा सच्चा सौदा में कर रहे थे मानवता की सेवा

जबर सिंह इन्सां का आश्रम व अपने सतगुरु के प्रति अटूट विश्वास था और इस पवित्र रुह ने 35 साल डेरा सच्चा सौदा में बिना किसी लोभ लालच से तन मन धन से सेवा की तथा अपने आप मरणोपरांत शरीर दान का शपथ-पत्र भी डेरा सच्चा सौदा में जमा किया और अपने परिवार को भी बताया कि मेरे मरने के बाद मेरा शरीर मेडिकल रिसर्च के लिए दान किया जाए। जबरसिंह इन्सां की शपथ को सार्थक बनाते हुए ही उनके परिवार ने उनके पार्थिव शरीर को मेडिकल रिसर्च के लिए दान किया।

फौज में रहकर 18 वर्षों तक की देश की सेवा

जबरसिंह इन्सां ने भारतीय फौज में करीब 18 वर्ष नौकरी की तथा हवलदार के पद पाकर नौकरी से रिटायरमेंट ले लिया। उसके बाद ये परिवार के काम धंधे में लग गए कुछ समय बाद जबरसिंह जी डेरा सच्चा सौदा पहुंचे और परमपिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज से नाम दान लेकर डेरा सच्चा सौदा के मुख्य सेवा समिति में शामिल हो गए।

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