पंजाब में रोजगार की नई चुनौती

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पंजाब सरकार ने एक अप्रैल से महिलाओं के लिए फ्री बस यात्रा की शुरूआत की है। नि:संदेह इस निर्णय से आम मध्यम वर्ग व गरीब वर्ग की महिलाओं को राहत मिलेगी, जो यात्रा के भारी आर्थिक बोझ का सामना कर रही थीं लेकिन इस निर्णय से निजी बस ट्रांसपोर्ट्स पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं, जिससे पंजाब में एक और नई बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। चिंताजनक बात बस मालिकों के कारोबार की नहीं बल्कि उन ड्राईवरों-कंडक्टरों और सहायक स्टाफ की है जिनकी रोजी-रोटी ही इस पेशे से जुड़ी हुई है। पंजाब में एक लाख के करीब बस चालक-कंडक्टर और उनके परिवारों की आय का स्त्रोत निजी बसें हैं। वास्तव में निजी बसों का कारोबार तो पहले ही घाटे में चल रहा था। मध्यम वर्ग में अपनी गाड़ियां खरीदने के चलने से बसों में सीटें खाली ही पड़ी रहती थी, अधिकतर बसों के कंडक्टर सवारियों को किराये में छूट देने का लालच देकर बसों में लेकर जाते रहे हैं।

तेल के दाम बढ़ने से बसों का किराया बढ़ा तो तीन-चार सवारियों को बस की अपेक्षा टैक्सी या निजी गाड़ी सस्ती पड़ती है। कोई भी व्यक्ति महिलाओं को फ्री यात्रा के खिलाफ नहीं लेकिन जब बात पंजाब में रोजगार की आती है तब बेरोजगार होने वाले ड्राईवरों व कंडक्टरों को लेकर सरकार के पास रोजगार का कौन सा विकल्प है, फिलहाल इसका कोई जवाब नहीं। सरकार ने यह निर्णय उस बुरे दौर में लिया है जब पहले ही कोविड-19 महामारी के कारण अर्थव्यवस्था का पहिया मुश्किल से घूम रहा है। कहीं-कहीं राज्य सरकारों ने अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए दोबारा सख्त पाबंदियां लगाई हैं, दूसरी तरफ पंजाब में निजी बसों के ड्राईवरों-कंडक्टरों के सामने एक बड़ा संकट बन गया है। कोरोना काल में आवश्यकता तो इस बात की है कि रोजगार बढ़ाने के प्रयास किए जाने चाहिए।

इन परिस्थितियों में निजी बसों के ड्राईवर-कंडक्टरों के रोजगार का प्रबंध भी जरूरी है। फिर भी सरकार ने यदि जनता को राहत दी है तब इसके नकारात्मक पहलुओं पर भी विचार होना चाहिए। वैसे भी राज्य सरकारों द्वारा सब्सिडी व फ्री सेवा देने के फैसले कम ही बदले जाते रहे हैं। सत्तापक्ष में पार्टी कोई भी हो, वह पिछली सरकार द्वारा सब्सिडी दिए जाने वाले निर्णय को कम ही पलटती है। राहत किराया कम कर भी दी जा सकती है फिर भी यदि सरकार ने निर्णय लिया है तो अब निजी बसों के ड्राईवरों-कंडक्टरों के रोजगार को लेकर सरकार को पूरी जिम्मेदारी से काम करना चाहिए।

 

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