खरखौदा (सच कहूँ न्यूज़)। Pi Day: कन्या महाविद्यालय, में इंचार्ज डॉ. दर्शना की अध्यक्षता में गणित विभाग द्वारा पाई डे का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन डॉ. शालिनी के निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और गणित के महत्व को समझा। डॉ. शालिनी ने बताया की पाई का इतिहास लगभग 4,000 वर्ष पुराना है, जिसकी शुरुआत प्राचीन बेबीलोन और मिस्रवासियों ने की थी। जिन्होंने इसे 3.125 से 3.16 के बीच माना। यूनानी गणितज्ञ आर्किमिडीज ने बहुभुज पद्धति का उपयोग करके इसे सटीक बनाया, जबकि आर्यभट्ट ने 5वीं शताब्दी में इसका मान 3.1416 निकाला। Kharkhoda News
1706 में विलियम जोन्स ने प्रतीक दिया, और आज सुपरकंप्यूटर से इसके खरबों अंक ज्ञात हैं।उन्होंने यह भी समझाया कि पाई एक महत्वपूर्ण गणितीय स्थिरांक है, जिसका उपयोग वृत्त से जुड़े अनेक गणितीय सूत्रों में किया जाता है। जिसका मान लगभग 3.14 होता है और इसी कारण हर वर्ष 14 मार्च को पाई डे के रूप में मनाया जाता है। कार्यक्रम में छात्राओं ने पाई (π) के आकार में व्यवस्थित होकर एक सामूहिक फोटो खिंचवाया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में गणित के प्रति रुचि बढ़ाना और उन्हें इसके रोचक पहलुओं से परिचित कराना था। इस अवसर पर प्रोफेसर प्रोमिला, डॉ. सीमांत, डॉ. नमिता आदि स्टाफ सदस्य उपथित रहे।















