गुरुग्राम में डायल 112 पर एक माह में आई 66 हजार 560 कॉल

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15 से 20 मिनट में मदद के लिए पहुंच रही डायल-112 सेवा

  • हेल्पलाइन-112 के तहत गुरुग्राम पुलिस को मिले हैं 73 इमरजेंसी रेस्पॉन्स व्हीकल

गुरुग्राम (सच कहूँ न्यूज)। पुलिस, एंबुलेंस और अग्निशमन समेत तमाम आपात स्थिति के लिए बीती 12 जुलाई को हरियाणा में 100 नंबर की जगह शुरू की गई डायल 112 सेवा लोगों के लिए काफी लाभकारी साबित हो रही है। इस हेल्पलाइन सेवा के तहत गुरुग्राम में बनाये गए मिरर कंट्रोल रूम में इस एक महीने में पूरे प्रदेश से 66 हजार 560 काल प्राप्त हुई हैं। जिला प्रशासन का दावा है कि 112 नंबर पर कॉल प्राप्त होते ही मदद मांगने वाले व्यक्ति को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई गई। जिला उपायुक्त डा. यश गर्ग का कहना है कि अब किसी भी आपात स्थिति में गुरुग्राम समेत पूरे हरियाणा के लोग 112 नंबर को डायल कर सेवाओं का लाभ ले सकते हैं।

ऐसे काम करती है डायल 112 सेवा

जिला में आपात स्थिति में किसी भी व्यक्ति द्वारा यह नंबर डायल करने पर उसकी कॉल सीधी पंचकूला में बनाए गए कंट्रोल टावर में कनेक्ट होगी। यदि पंचकूला में सभी लाइन व्यस्त है तो कॉल आॅटोमेटिक गुरुग्राम में बनाये गए मिरर कंट्रोल रूम में ट्रांसफर हो जाएगी। कंट्रोल टावर से कॉल जुड़ने के पश्चात कॉल को संबंधित व्यक्ति के नजदीकी इमरजेंसी रेस्पांस व्हीकल से कनेक्ट कर इसकी जानकारी प्रदान की जाएगी। डायल 112 सेवा से जुड़े प्रत्येक वाहन पर 3 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।

चार भाषाओं में सेवा दे रही है हेल्पलाइन

हेल्पलाइन-112 पर शिकायतकर्ता चार भाषाओं हिंदी, अंग्रेजी, हरियाणवी व पंजाबी में अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। इसके लिए कंट्रोल रूम में विशेष रूप से प्रशिक्षित लोगों की नियुक्तियां की गई है। गुरुग्राम कंट्रोल रूम के इंचार्ज डीएसपी टेलीकॉम रणबीर देशवाल के मुताबिक कंट्रोल रूम में डायल-112 सेवा में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो, इसके लिए चार टेलीकॉम सेवा प्रदान करने वाली कंपनी की सेवाएं ली जा रही है। जिसमें प्रत्येक कनेक्शन पर 30 लाइन्स चालू की गई हैं।

कॉल सेंटर में आने वाली कॉल के उपरांत ईआरवी को कॉल करने वाले व्यक्ति तक पहुंचने में कितना समय लगा। यह जानकारी ईआरवी सेवा के नोडल अधिकारी एसीपी संजीव बल्हारा व एसीपी हेडक्वार्टर उषा कुंडू को स्थानांतरित की जा रही है। मौके पर पुलिस के देरी से पहुंचने पर स्पष्टीकरण भी मांगा जा रहा है। रणबीर देशवाल ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं जैसी स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति के लिए डायल 112 वाहन में स्ट्रेचर आदि की भी व्यवस्था की गई है।

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