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    फिरोजपुर : सतलुज दरिया का कहर : सन् 1988 को फिर दोहरा गया 2019

    Flood

    अगस्त माह में आई बाढ़ के कारण मची तबाही दे गई लोगों को गहरे जख्म | Flood

    फिरोजपुर(सच कहूँ/सतपाल थिन्द)। सन् 1988 में आई बाढ़ से मची तबाही की यादें को अभी भी लोगों के जहन में ताजा हैं और वर्ष 2019 में फिर ऐसा ही मंजर देखने को मिला जब अगस्त महीने में सतलुज दरिया में बढे पानी के स्तर के कारण पंजाब के कई क्षेत्र (Flood) पानी में डूब गए, जिससे लोगों का काफी आर्थिक नुक्सान हुआ, जिसका बोझ लोग अभी तक बर्दाश्त कर रहे हैं। एक तरफ देश में 73वां आजादी दिवस मनाया जा रहा था व उधर वहीं दूसरी तरफ भारी बारिश के कारण पानी के बढ़ते स्तर को देखते भाखड़ा डैम के हाई फ्लड गेट खोल दिए गए थे।

    5 माह बीते जाने के बाद भी बाढ़ पीड़ितों को अभी तक नहीं मिला मुआवजा

    भाखड़ा से छोड़ा गया पानी सतलुज दरिया के रास्ते से जिस -जिस तरफ भी जा रहा था उधर ही तबाही मचाता जा रहा था और कई स्थानों पर दरिया का बांध भी टूटा। इस बड़ी मुसीबत के साथ जूझते लोगों के कई दिन गुजर गए परंतु उस समय की स्थिति को एक बार तो काबू कर लिया परंतु इस तबाही के कारण हुए माली नुक्सान का आर्थिक बोझ लोग आज भी बर्दाश्त कर रहे हैं, जिनको यह साल सन् 1988 की तरह गहरे जख़्म दे गया।

    चाहे इस बाढ़ का कारण किसानों की ओर से दरिया की जमीन पर किए कब्जे, अवैध माइनिंग और सरकार की लापरवाही जो कई सालों से दरिया की सफाई न करवाने जैसे कई कारण बताए गए परंतु हलातों में अभी भी कोई फर्क नहीं जो कि ज्यों का त्यों ही हैं। उधर बाढ़ पीड़ित सलविन्दर सिंह का कहना है कि इस बाढ़ के कारण हुई तबाही कारण इस तरह लग रहा है जैसे वह 15 -20 साल पीछे चले गए हों क्योंकि तबाही कारण हुए नुक्सान का न कोई मुआवजा मिला और न ही आमदन के लिए कोई अन्य स्रोत मिला, जिससे वह रोजमर्रा के खर्च निकाल सकें ।

    दरिया की सफाई करवाने का मौका गवां रही सरकार | Flood

    • सर्द ॠतु होने के कारण जमें हुए पानी के स्त्रोतों के अलावा रूकी बारिश के कारण दरिया में काफी कम पानी बह रहा है।
    • जिस कारण दरिया में पानी के बह में बने मिट्टी और रेत के टिब्बे साफ दिखाई दे रहे हैं।
    • जिनको उठा कर दरिया में से खुला पानी निकलने का रास्ता बनाया जा सकता है।
    • फिर ही सरकार की ओर से कोई भी एक्शन नहीं लिया जा रहा है।
    • या फिर खाली खजाने का शोर मचा रही सरकार अभी खजाने भरने का इन्तजार कर रही है।
    • कहीं इस तरह न हो कि फिर समय हाथ से निकलने पर सरकार को पछताना पड़े।

    सतलुज दरिया की सफाई संबंधी सरकार को लिख कर भेजा : डीसी | Flood

    जब बाढ़ संबंधी डिप्टी कमिशनर चंद्र गेंद के साथ बातचीत की तो उन्होंने बताया कि बाढ़ कारण हुए नुक्सान की रिपोर्ट तैयार है जल्द ही बाढ़ पीड़ितों को मुआवजे मिल जाएगा। दरिया की सफाई संबंधी उन्होंने बताया कि सरकार को लिख कर भेजा गया है उसकी राशि जारी होने पर सफाई करवाई जाएगी।

    15 दिनों में तैयार होने वाली रिपोर्टों का नहीं मिला अभी तक मुआवजा | Flood

    बाढ़ के कारण प्रभावित हुए लोगों को मौके पर हौसला देने के लिए सरकार के अधिकारियों की ओर से बाढ़ के साथ हुए नुक्सान की रिपोर्ट 15 दिनों में तैयार कर सरकार को सौंपने के निर्देश दिए गए थे, जिससे बाढ़ प्रभावित लोगों को जल्दी से जल्दी मुआवजा राशि दी जा सके परंतु यह लोलीपोप कई महीने बीत जाने के बाद भी मिल रहा है परंतु लोगों के हुए नुक्सान का मुआवजा न मिलने कारण अभी भी लोग आर्थिक तंगियों के साथ जूझ रहे हैं।

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