मानवता को समर्पित 72 साल
इसके अतिरिक्त वेश्याओं को बेटी बनाकर उनकी शादी करवाना, शारीरिक तौर पर अपंग युवकों से आत्मनिर्भर युवतियों की शादी करवाना, निराश्रयों को मकान बनाकर देना, जीते जी गुर्दादान, मरणोपरांत अंगदान, शरीरदान इत्यादि पूज्य गुरु जी द्वारा चलाए जा रहे 134 बेमिसाल कार्य वाकई अदभूत, अकल्पनीय अनुकरणीय है।

























