रतिया की साध-संगत ने भीषण गर्मी को देखते हुए पक्षियों के लिए चुग्गा-दाना व पानी की व्यवस्था की
रतिया (सच कहूँ/तरसेम सैनी...
मालिक के नाम में छुपी हैं तमाम बरकतें: पूज्य गुरु जी
इन्सान बुरे कर्म करता हुआ आगे बढ़ता है और बुरे कर्म करता चला जाता है।
लोग ठग्गी मारते हैं, बेइमानी करते हैं, दूसरों का हक मारकर खाते हैं, चोरी, निंदा-चुगली करते हैं, इस बुराई के युग में ये सब चलता है























