रतिया की साध-संगत ने भीषण गर्मी को देखते हुए पक्षियों के लिए चुग्गा-दाना व पानी की व्यवस्था की
रतिया (सच कहूँ/तरसेम सैनी...
पूज्य गुरू जी ने भेजा समस्त साध-संगत के लिए ये रूहानी संदेश, जल्दी देखें
सरसा। बेपरवाह सांईं शाह म...
MSG Maha Rahmokaram Month: जब साईं जी ने अपनी नूरी-नजर से सत्संगियों के दिलों में रूहानी किरणें छोड़ीं…
Param Pita Shah Satnam Ji...
अपने फर्ज का निर्वाह करो, मगर अति नहीं होनी चाहिए
जिस रिश्ते के लिए जुड़े हैं, बहन-भाई का रिश्ता, पति-पत्नी का, मां-बेटे का रिश्ता इन रिश्तों के लिए जो भी आपके फर्ज हैं, कर्त्तव्य है उस प्यार का निर्वाह करो, लेकिन अति नहीं होनी चाहिए। अति अगर करना चाहते हो तो भगवान, सतगुरु के प्यार में करो।
























