पूज्य गुरु जी ने बताया दशहरे का पावन पर्व कैसे मनाएं

दशहरे का पावन पर्व आज , रावण का होगा हर जगह दहन | Dussehra 2022

चंडीगढ़ (एमके शायना)। दशहरा यानी विजयदशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। दशमी तिथि पर भगवान राम ने रावण का वध कर दिया था और सीता माता को वापस लेकर आए थे जिसकी खुशी में हर दशहरे (Dussehra 2022) का त्यौहार मनाया जाता है। दशहरा आज है। आज देश भर में रावण दहन होगा। दशहरे का पर्व पूरे देश में धूमधाम से आज मनाया जा रहा है। नवरात्र समाप्त होते ही आज दशहरे का पर्व आ चुका है, इसे विजयदशमी नाम से भी जाना जाता है। बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में दशहरा पर्व मनाया जाता है। हर त्यौहार हमें उच्च शिक्षा देकर जाता है जिस पर चलकर हमें समाज में बदलाव लाने होते हैं।

Dussehra

दशहरा पर्व भी कुछ ऐसा ही है जो हमें सच्चाई और अच्छाई पर चलने की प्रेरणा देता है। परंतु इस दिन भी बहुत से लोग शराब पीते हैं, जुआ खेलते हैं, मांस खाते हैं और बुरे कर्म करते हैं जो कि सरासर गलत है। दशहरा कैसे मनाना चाहिए कि जिससे भगवान राम भी खुश हो जाएं और प्रभु की सृष्टि का भला हो, इन्हीं बातों को समझाते हुए एक सत्संग में पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने फरमाया कि, आज जैसे दशहरा है तो आप सबको दशहरा बहुत बहुत मुबारक हो, बहुत बहुत आशीर्वाद। तो ये त्योहार है, त्योहार को अगर त्योहार के ढंग से मनाओ, तो मजा आ जाए यह अच्छाई की, सच्चाई की, बुराई-झूठ पर जीत का दिन है, इस दिन को आप घर परिवार के साथ खुशी से मनाएं, अच्छे करम करने का संकल्प करें।

खून दान करें कि हाँ भाई हम आज हम खून दान कर रहे हैं किसी की जिÞंदगी बचेगी उससे। ऐसा कर्म कीजिए चलो मरनो उपरांत आँखें दान का लिख लीजिए कि भाई चलो मर तो जाएंगे यह आंखें किसी के काम आ जाएंगी, ऐसे फॉर्म भरिए आज के दिन। पर ना जी नहीं फॉर्म भरते जो क्युकि भ्रांत्या फैली हुई हैं, कहते हैं अगर आंखें किसी को दे दी तो अगले जन्म में नहीं आएँगी, तो क्या आप अपने साथ लेकर जाओगे आँखें ? आग में वैसे भी उनका पटाका तो बोल ही जाना है जब आग में शरीर रख दिया, धरती में दफना दिया गल सड़ जाएंगी आंखें, अच्छा नहीं कि आप जाते जाते इनको दान कर जाएं कि मरणोपरांत मेरी आंखें उन अन्धों को लगे जो कर्मों के मारे हैं और उनकी दुआएं आपकी आने वाली पीढ़ियों को लगें, कीजिए ऐसे अच्छे करम अगर दशेहरा मनाना है।

नशा बंदी करवाइए, आइए आगे कि भई हमारे देश में नशा नहीं होना चाहिए, हमारे शहर हम तो धार्मिक लोग हैं हिंदू धरम में, इस्लाम धर्म में, सिख धर्म में, ईसाई धर्म में किसी भी नशे की कहीं कोई जगह नहीं बल्कि महापाप और राक्षसों का शैतान का खाना पीना बताया गया है, पढ़ लीजिए पाक पवित्र ग्रंथों को, हमने तो सभी धर्मो को पढ़ा है तो यह चीजें छुडवाइए इस दिनों में भले करम कीजिए जो फुटपाथ पे बैठे लोग होते हैं आप नाक मूंह सिकुड़ के निकलते हो वहां से, उनका रहने का कहीं इंतजाम करवा दीजिए, उनका इलाज करवा दीजिए, चलो परमानेंट उनका कहीं भोजन का ही कर दीजिए बेचारे अंगहीन अपंग जो हैं । कीजिए ऐसे करम, इस त्योहार के लिए आशीर्वाद कहते हैं । स्वस्थ तरीके से मनाइए, बीमार मत बनिए, स्वस्थ तरीके से। पूज्य गुरु जी के इन वचनों पर चल कर आप अपने दशहरा पर्व को अच्छे तरीके से मना सकते हैं, जिससे आपके जीवन में खुशियां व बहारों की कोई कमी नहीं रह सकती।

विजयदशमी पर्व आज, दोपहर 12.15 पर निकलेगी शोभायात्रा

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