Body Donation: नागोकी के सत्यवान इन्सां दुनिया से जाते-जाते कर गए इंसानियत की भलाई का ये सराहनीय काम

पिता की अंतिम इच्छा को बेटे ने पूरा करते हुए पार्थिव शरीर किया मेडिकल शोध हेतु दान

Published On

Body Donation: सरसा (सच कहूँ/राजू)। ब्लॉक रोड़ी के गांव नागोकी में एक बेटे ने अपने पिता की अंतिम इच्छा को पूरा करते हुए उनकी पार्थिव देह मेडिकल शोध कार्यों हेतु दान कर दी। सचखंडवासी को अंतिम विदाई के लिए ब्लॉक से बड़ी संख्या में साध-संगत पहुंची। साध-संगत ने इलाही नारों के साथ फूलों से सजी गाड़ी में सचखंडवासी की पार्थिव देह को अंतिम विदाई दी। Sirsa News

दरअसल गांव नागोकी निवासी करीब 70 वर्षीय प्रेमी सत्यवान इन्सां रविवार रात्रि अचानक हृदय गति रुकने से सचखंड जा विराजे। सत्यवान इन्सां ने पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां से नाम शब्द लेकर अपने पूरे परिवार को डेरा सच्चा सौदा से जोड़ा।  उनके पुत्र धर्मपाल इन्सां ने बताया कि उनके पिता ने पूज्य गुरु जी की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए मरणोपरांत शरीरदान करने का संकल्प लिया हुआ था। उनके पिता ने उन्हें पूर्व में ही अवगत करवा दिया था कि उसके मरणोपरांत उसके शरीर को मेडिकल शोध कार्यों हेतु दान करना है।

इसी के चलते सोमवार को उनकी मृत देह मेडिकल शोध कार्यों हेतु इंटीग्रल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइसेंस एंड रिसर्च इंटीग्रल यूनिवर्सिटी, लखनऊ (उत्तरप्रदेश) को दान कर दी गई। रोड़ी के ब्लॉक प्रेमी सेवक पवन इन्सां ने बताया कि सत्यवान इन्सां का पूरा परिवार लंबे समय से डेरा सच्चा सौदा से जुड़ा है। उनकी कमी गांव व ब्लॉक में हमेशा महसूस होगी। Sirsa News

पार्थिक देह का पुष्पवर्षा कर किया रुखस्त 

प्रेमी सत्यवान इन्सां को अंतिम विदाई देने हेतु उनके परिजन एवं रिश्तेदार व गणमान्य लोगों के साथ-साथ बड़ी संख्या में शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के सदस्य पहुंचे। उनकी पार्थिव देह को फूलों से सजी गाड़ी में पुष्पवर्षा एवं इलाही नारों के साथ रुखस्त किया गया। इससे पूर्व डेरा सच्चा सौदा की बेटा-बेटी एक समान मुहिम के तहत सत्यवान इन्सां की अर्थी को कंधा उनकी बेटी चरणजीत कौर इन्सां, पौत्री मनप्रीत कौर इन्सां तथा भांजी केलो कौर इन्सां व हिंदपाल इन्सां ने दिया। सत्यवान इन्सां गांव नागोकी के प्रथम शरीरदानी के रूप में हमेशा स्मरणीय रहेंगे। Sirsa News

मरणोपरांत इस शरीर को तो जला ही देना है। फिर क्यों न मरणोपरांत भी ऐसा कार्य किया जाए जो न केवल प्रेरणादायक हो बल्कि इंसानियत के हित में भी हो। सत्यवान सिंह के परिजनों ने समाज की परवाह किए बगैर शरीरदान कर एक महान कार्य किया है। डेरा सच्चा सौदा की ये मुहिम समाज में अनूठा एवं प्रेरणादायक उदाहरण है।                             - सुखपाल कौर, ग्राम सरपंच।

About The Author

Related Posts