प्रेमी सेवक अंकित धमीजा इन्सां के नेत्र व शरीरदान कर परिजनों ने पेश की अनुपम मिसाल

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अंतिम विदाई में भारी तादाद में साध-संगत, स्कूल स्टाफ, गणमान्य व्यक्ति उपस्थित

फतेहाबाद (सच कहूँ न्यूज)। डेरा सच्चा सौदा से जुड़े सेवादार प्रेमी सेवक 45 वर्षीय अंकित धमीजा इन्सां पुत्र विनोद धमीजा इन्सां ने अपनी सांसारिक यात्रा पूर्ण कर सचखंड में विराजमान होकर देहदान-नेत्रदान जैसी मानव सेवा की अनुपम मिशाल कायम की। उनका पार्थिव शरीर मानवता की सेवा हेतु उत्तर प्रदेश के मेडिकल कॉलेज को समर्पित किया गया, जहां मेडिकल छात्र उनके माध्यम से शोध कर नई बीमारियों पर अध्ययन करेंगे और आने वाली पीढ़ियों को इसका लाभ मिलेगा। भावुक क्षणों में बेटियों ने अंकित धमीजा इन्सां की अर्थी को कंधा देकर ‘बेटा-बेटी एक समान’ अभियान को साकार रूप दिया। Fatehabad News

अंतिम दर्शन के लिए भारी तादाद में साध-संगत, स्कूल स्टाफ, शहर के गणमान्य नागरिक, रिश्तेदार एवं शाह सतनाम ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के सदस्य उपस्थित रहे। अंकित धमीजा इन्सां राजकीय हाई स्कूल बोस्वाल में अध्यापक के पद पर कार्यरत थे व एक सच्चे, नम्र व सेवाभावी इंसान के रूप में जाने जाते रहेंगे। सचखंडवासी अंकित इन्सां के 2 पुत्रियां हैं।

अंतिम विदाई यात्रा उनके निवास स्थान योग नगर, गली नंबर 3, टावर वाली गली, फतेहाबाद से शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए निकाली गई। एंबुलेंस को फूल मालाओं से सजाया गया था और पूरे श्रद्धा भाव से उन्हें अंतिम विदाई दी गई। परिजनों में उनके पिता विनोद धमीजा, भाई नवीन धमीजा व पुनीत धमीजा सहित पूरे परिवार ने इस पुनीत कार्य को मानवता की सेवा मानते हुए ससम्मान पूर्ण किया। यह देहदान और नेत्रदान समाज के लिए एक प्रेरणादायक संदेश है कि मृत्यु के बाद भी मानव सेवा की जा सकती है। Fatehabad News

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