लेकर कहां कुछ वापिस जाना ये शरीर भी दान है..
जानकारी अनुसार गांव संगत -खुर्द के सेवादार गुरदयाल सिंह इन्सां ने पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां द्वारा चलाए जा रहे 134 मानवता भलाई कार्यों के अंतर्गत जीते जी शरीरदान व नेत्रदान करने के फार्म भरे हुए थे जो अचानक संक्षिप्त बीमारी के कारण कुल मालिक के चरणों में जा बिराजे।
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