Rajkot to Somnath Special Train: स्पेशल ट्रेन शुरू होते ही राजकोट रेलवे स्टेशन पर गूंजा ”हर हर महादेव”

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Rajkot to Somnath Special Train: राजकोट। सौराष्ट्र की पावन धरती पर स्थित सोमनाथ महादेव मंदिर में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व से जुड़ा “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” (Somnath Swabhiman Parv) भव्य रूप में मनाया जा रहा है। यह आयोजन मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने और मंदिर पर हुए प्राचीन आक्रमणों के एक सहस्राब्दी वर्ष पूरे होने के अवसर पर किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए राजकोट से चार दिवसीय विशेष रेल सेवा की शुरुआत गुरुवार से कर दी गई है। Gujarat News

विशेष ट्रेन के प्रस्थान के समय स्टेशन परिसर भक्तिभाव से सराबोर दिखाई दिया। “हर-हर महादेव” के जयघोष से वातावरण गूंज उठा और यात्रियों में उत्साह साफ नजर आया। भाजपा नेता माधव दवे ने बताया कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि आस्था, आत्मगौरव और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रथम स्थान रखने वाला सोमनाथ मंदिर सदियों से सनातन विश्वास का केंद्र रहा है।

विशेष रेल सेवा के माध्यम से अवसर मिलने पर अत्यंत आनंदित श्रद्धालु

ट्रेन से यात्रा कर रहे एक श्रद्धालु ने कहा कि वे लंबे समय से सोमनाथ महादेव के दर्शन की इच्छा रखे हुए थे। विशेष रेल सेवा के माध्यम से यह अवसर मिलने पर वे अत्यंत आनंदित हैं और इसे अपने जीवन का एक यादगार अनुभव मानते हैं।अरब सागर के तट पर अवस्थित सोमनाथ महादेव मंदिर भारतीय संस्कृति, आस्था और निरंतर पुनरुत्थान का प्रतीक माना जाता है। आगामी वर्ष में मंदिर पर हुए प्रथम बड़े आक्रमण को एक हजार वर्ष पूरे हो रहे हैं, वहीं स्वतंत्र भारत में इसके पुनर्निर्माण की 75वीं वर्षगांठ भी इसी अवधि में मनाई जा रही है। Gujarat News

इन दोनों ऐतिहासिक अवसरों के उपलक्ष्य में प्रभास पाटन क्षेत्र में पूरे वर्ष चलने वाले सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का आयोजन किया गया है, जिसके प्रमुख कार्यक्रम 8 से 11 जनवरी के बीच संपन्न हो रहे हैं। पर्व के अंतर्गत 72 घंटे का अखंड ओंकार नाद, शंखध्वनि, भक्ति संगीत, लोक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां तथा हजारों ड्रोन से सुसज्जित भव्य प्रकाश प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 जनवरी को सोमनाथ पहुंचकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना करेंगे और स्वाभिमान पर्व के कार्यक्रमों में भाग लेंगे। अपने संदेश में उन्होंने कहा है कि सोमनाथ की कथा विध्वंस की नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, आस्था और पुनर्निर्माण की अमर गाथा है, जो भारत की अडिग सांस्कृतिक विरासत को उजागर करती है। Gujarat News

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