Uttarakhand Assembly Session: आज से उत्तराखंड विधानसभा सत्र, 7,412 करोड़ के 8 विधेयक होंगे पेश

उत्तराखंड की राजनीति में गैरसैंण एक बार फिर बनने जा रहा चर्चा का केंद्र

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गैरसैंण, (सच कहूँ/एजेंसी)। उत्तराखंड की राजनीति में मंगलवार को गैरसैंण एक बार फिर चर्चा का केंद्र बनने जा रहा है। विधानसभा के दो दिवसीय सत्र में राज्य सरकार करीब 7,412 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश करेगी। इसके साथ ही आठ विधेयकों को सदन के सामने रखने की तैयारी है। सत्र के दौरान वित्तीय मामलों के अलावा राज्य के विकास, जनकल्याण और जनता से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है।

सत्र के पहले दिन सरकार अतिरिक्त बजट से संबंधित प्रस्ताव पेश करेगी। इसके जरिए मौजूदा वित्तीय वर्ष में विभिन्न आवश्यकताओं के लिए अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान किया जा सकता है। इसके अलावा आठ विधेयक भी कार्यवाही का हिस्सा होंगे। इन प्रस्तावों पर सदन में होने वाली चर्चा महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विधानसभा की कार्यवाही के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी और पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को श्रद्धांजलि भी दी जाएगी।

445 सवालों के जरिए सरकार से जवाब मांगेंगे विधायक

दो दिवसीय सत्र के लिए 31 विधायकों ने कुल 445 प्रश्न प्रस्तुत किए हैं। इन सवालों में प्रदेश के विकास, जनसमस्याओं और विभिन्न क्षेत्रों की जरूरतों से जुड़े विषय शामिल हैं। सदन में इन प्रश्नों के माध्यम से सरकार से जवाब मांगे जाने की उम्मीद है। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने सभी दलों से सदन की कार्यवाही व्यवस्थित ढंग से चलाने में सहयोग करने की अपील की है, ताकि निर्धारित समय में महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हो सके।

सत्र शुरू होने से पहले भाजपा और कांग्रेस ने अपनी तैयारियों को लेकर अलग-अलग बैठकें कीं। सत्तारूढ़ दल ने सदन में रखे जाने वाले प्रस्तावों और सरकार की प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को गैरसैंण में भाजपा विधायक दल की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में मंत्रियों और विधायकों ने विधानसभा की कार्यवाही तथा जनहित और राज्य के विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री धामी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी बैठक में हुई चर्चा की जानकारी साझा की।

बेरोजगारी और महंगाई पर सरकार को घेरने की तैयारी में कांग्रेस

दूसरी ओर, कांग्रेस ने बेरोजगारी, महंगाई, कानून-व्यवस्था और स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाने की तैयारी की है। विपक्ष इन मुद्दों पर सरकार से जवाब मांग सकता है। कांग्रेस की ओर से विधानसभा के आसपास प्रदर्शन की योजना भी बताई गई है। कार्य सलाहकार समिति की बैठक में कांग्रेस के शामिल नहीं होने से राजनीतिक खींचतान की संभावना भी बनी हुई है। ऐसे में सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच विभिन्न मुद्दों पर बहस देखने को मिल सकती है।

गैरसैंण में होने वाले इस सत्र में अनुपूरक बजट के प्रावधानों, आठ विधेयकों, विधायकों के सवालों और विपक्ष की ओर से उठाए जाने वाले मुद्दों पर खास नजर रहेगी। सीमित अवधि के इस सत्र में कितने सवालों पर चर्चा होती है और सरकार किन मुद्दों पर अपना पक्ष रखती है, यह कार्यवाही के दौरान स्पष्ट होगा।

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