Sirsa Education News: माणक दीवान स्कूल के बच्चों ने चौंकाया! पहली के छात्र 1 मिनट में पढ़ रहे 100 शब्द

निरीक्षण के दौरान बीईओ सतबीर ढिढ़ारियां ने शिक्षकों के प्रयासों को सराहा

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Haryana Government School: नाथूसरी चौपटा, (सच कहूँ/भगत सिंह)। अगर सरकारी स्कूलों में शिक्षण का स्तर बेहतर हो, तो बच्चे तय पाठ्यक्रम और अपनी उम्र की सीमा को पार कर बेहतरीन प्रतिभा दिखा सकते हैं। ऐसा ही चौंकाने वाला और सकारात्मक नजारा नाथूसरी चौपटा खंड के राजकीय प्राथमिक पाठशाला माणक दीवान में देखने को मिला।

खंड शिक्षा अधिकारी सतबीर सिंह ढिढ़ारियां जब स्कूल में शैक्षणिक दक्षताओं का निरीक्षण करने पहुंचे, तो बच्चों की प्रतिभा देखकर हैरान रह गए। यहां पहली कक्षा के बच्चे लगभग 100 शब्द प्रति मिनट की तेज गति से हिंदी पढ़ने में सक्षम पाए गए। वहीं पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों में सातवीं कक्षा के स्तर का ज्ञान देखा गया।

बाल वाटिका के बच्चों का प्रदर्शन भी दूसरी कक्षा के स्तर के अनुरूप रहा। विद्यालय के निरीक्षण के दौरान बच्चों के सीखने के स्तर का आकलन किया गया। इसमें बाल वाटिका के बच्चों की दक्षताएं दूसरी कक्षा, पहली के बच्चों की तीसरी, दूसरी के बच्चों की चौथी और तीसरी कक्षा के बच्चों की दक्षताएं पांचवीं के स्तर के अनुरूप मिलीं। पांचवीं के विद्यार्थियों ने हिंदी वाक्यों का अंग्रेजी में अनुवाद करके भी अपने भाषा कौशल का परिचय दिया।

शिक्षकों के समर्पण की हो रही तारीफ

विद्यार्थियों की इस असाधारण उपलब्धि के पीछे स्कूल के शिक्षकों की कड़ी मेहनत, समर्पण और हर बच्चे पर व्यक्तिगत ध्यान देने के प्रयासों को प्रमुख वजह माना जा रहा है। खंड शिक्षा अधिकारी सतबीर सिंह ढिढ़ारियां ने शिक्षक ओम प्रकाश और जेबीटी शिक्षिका उषा रानी की पीठ थपथपाते हुए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा बच्चों की क्षमता को पहचानकर उन्हें सही दिशा में आगे बढ़ाने का यह प्रयास क्षेत्र के अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणादायक है। बीईओ ढिढ़ारियां ने नाथूसरी चौपटा खंड के सभी सरकारी स्कूलों के शिक्षकों से आह्वान किया कि वे प्रत्येक विद्यार्थी की सीखने की क्षमता का आकलन करें और उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए लगातार प्रोत्साहित करें। माणक दीवान स्कूल के इस मॉडल को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में एक मिसाल माना जा रहा है।

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