कल्याण नगर की शकुंतला देवी इन्सां संसार से जाते-जाते भी बन गई समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण

अंतिम इच्छा के अनुसार देह मेडिकल रिसर्च और दोनों आंखें नेत्रदान के लिए समर्पित कीं

Published On

Body Donation: सरसा, (सच कहूँ/सुनील वर्मा)। जीवनभर मानवता भलाई के कार्यों में जुटी रहीं ब्लॉक कल्याण नगर निवासी 73 वर्षीय शकुंतला देवी इन्सां जाते-जाते भी दो लोगों की जिंदगी में रोशनी भरने और मेडिकल रिसर्च में योगदान देने का माध्यम बन गईं। बुधवार को उनके निधन के बाद परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए वीरवार सुबह डेरा सच्चा सौदा की अमर सेवा मुहिम के तहत पार्थिव देह मेडिकल रिसर्च के लिए दान कर दी।

वहीं उनकी दोनों आंखें पूज्य माता करतार कौर जी इंटरनेशनल आई बैंक में दान की गईं। नेत्रदान से दो दृष्टिहीन लोगों के जीवन में उजाला होगा। उनकी अंतिम विदाई के दौरान साध-संगत और परिजनों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दी और मानवता भलाई के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर शकुंतला देवी इन्सां के पुत्र अंकित धींगड़ा इन्सां, पुत्रवधू खुशप्रीत कौर इन्सां, सच्चे नम्र सेवादार प्रवीण इन्सां, प्रेमी सेवक नीरज इन्सां सहित ब्लॉक कल्याण नगर की काफी संख्या में साध-संगत मौजूद रही।

'मानवता की सेवा की प्रेरणा देने वाले गुरुजी को सैल्यूट'

वार्ड नंबर-12 के पार्षद दीपक बंसल ने कहा कि डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी जीवन भर मानवता भलाई के कार्यों के माध्यम से लोगों की मदद करते हैं। मरणोपरांत देहदान और नेत्रदान करके भी वे समाज के कल्याण में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अनुयायियों को इस राह पर चलने की प्रेरणा देने वाले डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां को वे दिल से सैल्यूट करते हैं।

फूलों से सजी एंबुलेंस में निकाली अंतिम विदाई 

वीरवार सुबह 11 बजे शाह सतनाम जी मार्ग स्थित कल्याण नगर की गली नंबर-3 में शकुंतला देवी इन्सां के आवास पर साध-संगत और परिजन एकत्रित हुए। यहां अरदास का शब्द बोला गया। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को फूलों से सजी एंबुलेंस में रखकर आवास से शाह मस्ताना-शाह सतनाम जी धाम डेरा सच्चा सौदा सिरसा तक अंतिम विदाई यात्रा निकाली गई। यात्रा में शामिल परिजनों, शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के सेवादारों और साध-संगत ने 'जब तक सूरज चांद रहेगा, शरीरदानी शकुंतला देवी इन्सां तेरा नाम रहेगा' और 'शरीरदानी-नेत्रदानी शकुंतला देवी इन्सां अमर रहे' के नारे लगाए। इसके बाद डेरा के मुख्य गेट से 'धन-धन सतगुरु तेरा ही आसरा' का इलाही नारा लगाकर एंबुलेंस को मेडिकल कॉलेज के लिए रवाना किया गया।

मेडिकल रिसर्च के लिए आगरा भेजी गई देह

शकुंतला देवी इन्सां की पार्थिव देह मेडिकल रिसर्च के लिए एमडी आयुर्वेदिक कॉलेज एंड हॉस्पिटल, बैन बाजार/बाबरपुर रोड सिकंदरा, आगरा (उत्तर प्रदेश) को दान की गई। वहीं उनकी दोनों आंखें शाह सतनाम जी स्पेशलिटी अस्पताल स्थित पूज्य माता करतार कौर जी इंटरनेशनल आई बैंक को दान की गईं। यह पहल डेरा सच्चा सौदा की अमर सेवा और ज्योति दान मुहिम के तहत की गई। शकुंतला देवी इन्सां डेरा सच्चा सौदा की सच्ची लंगर समिति की सेवादार थीं और मानवता भलाई के कार्यों में हमेशा आगे रहती थीं। उनके निधन के बाद भी उनकी देह और आंखों का दान दूसरों के लिए मददगार बनेगा।

About The Author

Related Posts