INSPIRE Award MANAK Yojana: नवाचार में सरसा का फिर डंका, लगातार दूसरे साल प्रदेश में नंबर-1

1,900 के लक्ष्य के मुकाबले विद्यार्थियों ने किए 2,112 आवेदन, पिछले साल का आंकड़ा भी पीछे छोड़ा

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Haryana INSPIRE Award: सरसा, (सच कहूँ/सुनील वर्मा)। विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नए विचारों को लेकर सरसा के विद्यार्थियों ने प्रदेश में अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है। इंस्पायर अवॉर्ड मानक योजना के तहत सत्र 2026-27 में जिले के विद्यार्थियों ने निर्धारित लक्ष्य से 212 अधिक आवेदन कर हरियाणा में पहला स्थान हासिल किया है। खास बात यह है कि सरसा ने लगातार दूसरे वर्ष यह उपलब्धि दोहराई है। इससे जिले के स्कूलों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को लेकर बढ़ते रुझान का पता चलता है।

राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) हरियाणा की ओर से जारी अंतिम आंकड़ों के अनुसार सरसा को इस सत्र में 1,900 आवेदनों का लक्ष्य दिया गया था, जबकि जिले से 2,112 विद्यार्थियों ने अपने नवाचार संबंधी विचारों के साथ आवेदन किया। पिछले सत्र में जिले से 1,875 आवेदन हुए थे और तब भी सरसा प्रदेश में पहले स्थान पर रहा था। इस बार विद्यार्थियों ने पिछले साल का आंकड़ा भी पार कर लिया।

प्रदेशभर में 27,151 विद्यार्थियों ने किए आवेदन

इंस्पायर अवॉर्ड मानक योजना के तहत प्रदेश के 22 जिलों से कुल 27,151 आवेदन प्राप्त हुए हैं। सरसा 2,112 आवेदनों के साथ पहले स्थान पर रहा। इसके बाद नूंह में 1,542, करनाल में 1,499 और कुरुक्षेत्र में 1,480 आवेदन दर्ज किए गए। सरसा की उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि जिले ने निर्धारित लक्ष्य से आगे निकलकर लगातार दूसरी बार अपनी बढ़त कायम रखी है।

चयनित विद्यार्थियों को मिलेंगे 10 हजार रुपये

जिला विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. मुकेश कुमार ने बताया कि इंस्पायर अवॉर्ड मानक योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और नवाचार की भावना विकसित करना है। योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को अपने नवाचार मॉडल तैयार करने के लिए 10 हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी जाती है। यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है। इसके बाद विद्यार्थियों को जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपने मॉडल प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित सर्वश्रेष्ठ 60 विद्यार्थियों को राष्ट्रपति की ओर से सम्मानित किए जाने का प्रावधान है।

अब 11वीं-12वीं के विद्यार्थी भी शामिल

पहले यह योजना छठी से दसवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए थी, लेकिन सत्र 2025-26 से 11वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को भी इसमें शामिल किया गया है। इससे वरिष्ठ कक्षाओं के विद्यार्थियों को भी विज्ञान, तकनीक और अनुसंधान से जुड़े नए विचार प्रस्तुत करने का अवसर मिल रहा है। योजना के तहत प्रत्येक स्कूल अधिकतम पांच नवाचारों का चयन कर सकता है। चयनित विचारों को निर्धारित प्रारूप में पोर्टल या मोबाइल एप के माध्यम से अपलोड किया जाता है।

जिला विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. मुकेश कुमार ने कहा कि जिले के विद्यार्थियों और स्कूलों ने लगातार दूसरे वर्ष लक्ष्य से अधिक आवेदन कर उत्साह दिखाया है। प्रयास है कि अधिक से अधिक विद्यार्थियों के नए विचारों को मंच मिले और वे जिला, राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित कर सकें।

जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष कुमार फुटेला ने भी उपलब्धि पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि यह योजना विद्यार्थियों को अपनी कल्पनाशीलता और सोच को नवाचार के रूप में प्रस्तुत करने का बेहतर अवसर देती है।

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