Haryana Roadways Workers Protest: सिरसा बस स्टैंड पर रोडवेज कर्मियों का हंगामा, परिचालक से मारपीट व जान से मारने की धमकी के विरोध में बस स्टैंड के दोनों गेट बंद कर डेढ़ घंटे तक लगाया जाम

सवारी उतारने को लेकर शुरू हुआ था विवाद, आरोपियों ने दी खुलेआम धमकी 11वें दिन नहीं बचेगा

Published On

सिरसा, सच कहूँ न्यूज़। Haryana Roadways Workers Protest: तीन दिन पूर्व रोडवेज बस के परिचालक के साथ हुई मारपीट और बुधवार को रोडवेज यूनियन के प्रधान को जान से मारने की धमकी के मामले में पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने से गुस्साए रोडवेज कर्मचारियों ने वीरवार सुबह उग्र प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सिरसा बस स्टैंड के दोनों मुख्य गेटों पर बसें आड़ी-तिरछी खड़ी कर पूरी तरह जाम लगा दिया। गेट पर ही धरना देकर बैठे कर्मचारियों ने पुलिस व रोडवेज प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस अचानक हुए हंगामे और जाम के कारण बस स्टैंड के बाहर रोडवेज बसों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे गंतव्य की ओर जाने वाले आम यात्रियों को करीब डेढ़ घंटे तक भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रधान पृथ्वी चाहर ने घटना की पूरी जानकारी देते हुए बताया कि करीब 3 दिन पहले कुसुंभी-कंवरपुरा रूट पर चलने वाली रोडवेज बस के परिचालक नरेंद्र के साथ एक युवक का सवारी उतारने को लेकर विवाद हुआ था। इस संबंध में तुरंत संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पृथ्वी चाहर ने आगे बताया कि घटना के बाद कंवरपुरा को जाने वाली रोडवेज बस बंद कर दी गई थी। लेकिन जब बुधवार दोपहर करीब 3 बजे रोडवेज बस को कुसुंभी रूट पर रवाना किया जा रहा था, तब वही युवक अपने 10 से 12 अन्य साथियों के साथ बस स्टैंड पर आ धमका। जब पृथ्वी ने उनसे पूछा कि उन्हें कहां जाना है, तो युवकों ने धमकियां देते हुए कहा कि हम बताएंगे कि कहां जाना है। पीड़ित कर्मचारी ने बताया कि आरोपियों ने उसे खुलेआम धमकाया कि जो मुकदमा दर्ज कराया है, उसे तुरंत वापस ले लो।

आरोपियों ने धमकी देते हुए कहा तेरे पास दस दिन का टाइम है, 11वें दिन तू नहीं बचेगा। तेरे और तेरे गांव का नाम बता दें, तेरे घर आकर तेरा काम करेंगे। हंगामे की आवाज सुनकर जब अन्य रोडवेज कर्मचारी वहां पहुंचे और युवकों को पकड़ने की कोशिश की तो वे मौके से भागने लगे। भागते समय आरोपियों ने बस स्टैंड के अंदर ही हथियार (कापा) निकालकर पृथ्वी चाहर पर हमला करने का प्रयास किया, लेकिन समय रहते पृथ्वी पीछे हट गए, जिससे उनकी जान बाल-बाल बच गई। घटना के तुरंत बाद कर्मचारियों ने बस स्टैंड चौकी में लिखित शिकायत दी और रोडवेज महाप्रबंधक को मामले से अवगत करा दिया था। रोडवेज कर्मचारियों ने कहा कि अगर पुलिस पहले दिन दी गई शिकायत पर कार्रवाई करती, तो मामला इतना बढ़ता ही नहीं।

प्रशासन के आश्वासन के बाद खुला जाम

घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित कर्मचारियों ने वीरवार सुबह करीब 9:45 बजे बस स्टैंड के गेट जाम कर दिए। जाम की सूचना मिलते ही रोडवेज महाप्रबंधक अजय दलाल व टीएम सुधीर मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन कर्मचारी अपनी मांग पर अड़े रहे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी राजेश कुमार भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों से बातचीत कर 22 अक्टूबर की रात्रि 9 बजे तक आरोपियों को गिरफ्तार करने का समय मांगा।

शुरूआती दौर में कर्मचारी डीएसपी के आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुए, लेकिन उच्च अधिकारियों के कड़े कार्रवाई के भरोसे के बाद दोपहर 11:45 बजे जाम को खोल दिया गया। कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा यानी रात्रि 9 बजे तक सभी आरोपी सलाखों के पीछे नहीं पहुंचे, तो शुक्रवार सुबह रोडवेज कर्मचारी फिर से अनिश्चितकालीन जाम लगाने के लिए विवश होंगे।

About The Author

Related Posts