Mission Shakti: शिखर शिक्षा सदन में मिशन शक्ति 6.0, साइबर जागरूकता एवं इन्वेस्टिचर सेरेमनी का भव्य आयोजन
छात्र पदाधिकारियों को बैज एवं सैश पहनाकर दिलाई कर्तव्यनिष्ठा की शपथ, पैरा एथलीट प्रीति पाल की उपस्थिति ने बढ़ाया समारोह का गौरव
मीरांपुर, सच कहूँ/कोमल प्रजापति। Mirapur News: शिखर शिक्षा सदन सीनियर सेकेंडरी स्कूल, मीरांपुर में मिशन शक्ति 6.0, साइबर जागरूकता एवं इन्वेस्टिचर सेरेमनी (पद अलंकरण समारोह) का भव्य आयोजन उत्साह, उमंग एवं गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों को प्रतीक चिह्न एवं बुके भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर नवनिर्वाचित छात्र पदाधिकारियों को बैज एवं सैश पहनाकर सम्मानित किया गया तथा उन्हें अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने, अनुशासन बनाए रखने और विद्यालय की गरिमा को अक्षुण्ण रखने की शपथ दिलाई गई।
समारोह में पुलिस अधीक्षक इंदु सिद्धार्थ, क्षेत्राधिकारी जानसठ ऋषिका सिंह, मीरापुर थानाध्यक्ष इन्द्रजीत सिंह, एशियन पैरा एथलीट एवं रजत पदक विजेता प्रीति पाल, रालोद नेत्री एवं सामाजिक कार्यकर्ता सुप्रिया पाल तथा सनातन धर्म इंटर कॉलेज के प्रबंधक एवं एडवोकेट सिद्धार्थ राजवंशी की गरिमामयी उपस्थिति रही। अतिथियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष गौरव प्रदान किया।
पुलिस अधीक्षक इंदु सिद्धार्थ ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि अनुशासन, समयपालन और जिम्मेदारी जीवन में सफलता की मजबूत नींव हैं। छात्र पदाधिकारियों को अपने पद का उपयोग अधिकार जताने के लिए नहीं, बल्कि सहयोग, मार्गदर्शन और विद्यालय में सकारात्मक वातावरण बनाने के लिए करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को कानून का सम्मान करने, साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने तथा किसी भी समस्या की स्थिति में शिक्षकों और अभिभावकों से संवाद करने की सलाह दी। उन्होंने ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने तथा विद्यालय व्यवस्था को उत्तम बताते हुए विद्यालय प्रबंधन को बधाई दी।
क्षेत्राधिकारी जानसठ ऋषिका सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक रहना चाहिए। नेतृत्व का वास्तविक अर्थ ईमानदारी, संयम और सही निर्णय लेने की क्षमता है। उन्होंने छात्र पदाधिकारियों को अनुशासन बनाए रखने, सहपाठियों की समस्याओं को समझने तथा विवादों का समाधान शांतिपूर्ण ढंग से करने के लिए प्रेरित किया।
मीरापुर थानाध्यक्ष इन्द्रजीत सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में साइबर जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। विद्यार्थियों को सोशल मीडिया का उपयोग सावधानीपूर्वक करना चाहिए तथा अपनी व्यक्तिगत जानकारी, पासवर्ड और ओटीपी किसी के साथ साझा नहीं करने चाहिए। उन्होंने साइबर अपराध एवं ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति का उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है। प्रत्येक विद्यार्थी को महिलाओं के प्रति सम्मान का भाव रखना चाहिए तथा किसी भी प्रकार की समस्या या साइबर अपराध की स्थिति में बिना संकोच पुलिस की सहायता लेनी चाहिए।
एशियन गेम्स की रजत पदक विजेता पैरा एथलीट प्रीति पाल ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए दृढ़ संकल्प, निरंतर मेहनत, आत्मविश्वास और अनुशासन अत्यंत आवश्यक हैं। विद्यार्थियों को चुनौतियों से घबराने के बजाय उनका साहसपूर्वक सामना करना चाहिए और अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए। उन्होंने छात्र पदाधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करने तथा अपने आचरण से दूसरे विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनने का संदेश दिया।
रालोद नेत्री एवं सामाजिक कार्यकर्ता सुप्रिया पाल ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि संवेदनशील, जिम्मेदार और समाज के प्रति जागरूक नागरिक बनना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से जरूरतमंद सहपाठियों की सहायता करने, बालिकाओं के सम्मान एवं सुरक्षा के प्रति सजग रहने तथा समाज में सेवा, सहयोग और समानता की भावना को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
विद्यालय के चेयरमैन सुशील शर्मा ने अपने संदेश में कहा कि विद्यार्थियों में नेतृत्व के गुणों का विकास शिक्षा का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। छात्र पदाधिकारियों को अपने आचरण, अनुशासन एवं कार्यशैली से अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनना चाहिए। सच्चा नेतृत्व वही है, जिसमें जिम्मेदारी के साथ दूसरों के प्रति सम्मान और सहयोग की भावना भी निहित हो।
विद्यालय के निदेशक राजेश शर्मा ने कहा कि पद अलंकरण समारोह विद्यार्थियों को नेतृत्व एवं जिम्मेदारी का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करता है। उन्होंने छात्र पदाधिकारियों को विद्यालय की शैक्षिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने तथा अपने कर्तव्यों का पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय की प्रबंधिका शिखा शर्मा ने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी में नेतृत्व की क्षमता होती है, आवश्यकता केवल उसे उचित दिशा देने की है। उन्होंने छात्र पदाधिकारियों को विनम्रता, ईमानदारी, अनुशासन एवं सेवा-भाव को अपने व्यवहार में अपनाने तथा अपने दायित्वों के प्रति सदैव सजग रहने का संदेश दिया।
प्रधानाचार्या शालिनी राय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नेतृत्व केवल किसी पद को प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करने, दूसरों का मार्गदर्शन करने और अनुशासन का उदाहरण प्रस्तुत करने का नाम है। उन्होंने सभी नवनिर्वाचित छात्र पदाधिकारियों को शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे विद्यालय की गौरवशाली परंपराओं एवं मूल्यों को आगे बढ़ाएंगे।
कार्यक्रम में छात्र पदाधिकारियों ने बैज एवं सैश धारण कर अपने दायित्वों के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की। समारोह का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, अनुशासन, उत्तरदायित्व, टीम भावना एवं सेवा-भावना का विकास करना रहा। मिशन शक्ति 6.0 एवं साइबर जागरूकता के माध्यम से विद्यार्थियों को महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान तथा डिजिटल माध्यमों के सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया।
विद्यालय परिवार ने आशा व्यक्त की कि नवगठित छात्र परिषद विद्यालय में अनुशासन, सहयोग एवं सकारात्मक वातावरण बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।समारोह का समापन उत्साहपूर्ण एवं प्रेरणादायी वातावरण में हुआ। इस कार्यक्रम में प्रबंधक नन्ही दुनिया जू० हा० स्कूल मीरांपुर वासुदेव शर्मा ने उपस्थित रहकर बच्चों का उत्साह वर्धन किया । कार्यक्रम का सफल संचालन कक्षा - 11 की छात्रा तिथि शर्मा ने किया ।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय शिक्षक वर्ग का सहयोग रहा।
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