चंडीगढ़ (सच कहूँ/अश्वनी चावला)। Punjab Vidhan Sabha Session: पंजाब विधानसभा के पांचवें दिन कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा को लेकर भारी हंगामा हुआ। खैहरा ने सदन में बोलने की अनुमति मांगी, लेकिन स्पीकर कुलतार संधवां ने साफ कहा कि पहले उन्हें माफी मांगनी होगी। खैहरा ने माफी से इनकार कर दिया, जिसके बाद महिला विधायक और कैबिनेट मंत्री नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंच गए। कांग्रेस विधायकों ने विरोध में वॉकआउट कर दिया, जबकि सत्ता पक्ष के विधायक लगातार नारेबाजी करते रहे। स्थिति को देखते हुए सदन की कार्यवाही 20 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। Chandigarh News
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सदन की शुरूआत में ही खैहरा द्वारा सोशल मीडिया पर की गई अपमानजनक टिप्पणियों की निंदा की और बिना शर्त माफी की मांग की। उन्होंने कहा कि खैहरा ने पंजाब की महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी की और उन्हें व्यक्तिगत रूप से ‘बंधुआ मजदूर’ कहकर निशाना बनाया। चीमा ने कहा कि ऐसी भाषा अस्वीकार्य है और किसी विधायक को शोभा नहीं देती। उन्होंने स्पीकर से अपील की कि यदि खैहरा सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते, तो उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। सदन के बाहर मीडिया से बातचीत में चीमा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को भी अपने विधायक के इस शर्मनाक व्यवहार के लिए आधिकारिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी नेतृत्व को अपने सदस्य के इस आचरण की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
स्पीकर ने कहा- पहले खैहरा माफी मांगें, तभी मिलेगी बोलने की अनुमति | Chandigarh News
चीमा ने कहा कि मजदूर वर्ग और मेहनतकश लोगों को बंधुआ मजदूर कहना न केवल व्यक्तिगत अपमान है बल्कि पंजाब के मेहनती लोगों की गरिमा को ठेस पहुंचाता है। उन्होंने संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गर्व जताते हुए कहा कि यही प्रणाली साधारण पृष्ठभूमि वाले लोगों को भी ऊंचे पदों पर सेवा का अवसर देती है। चीमा ने खैहरा को चुनौती दी कि वे अपनी योग्यता और शैक्षिक प्रमाणपत्रों की जांच करवाएं। उन्होंने कहा कि अपमानजनक टिप्पणी करने के बजाय खैहरा को पहले अपनी पृष्ठभूमि स्पष्ट करनी चाहिए, क्योंकि उनकी शैक्षिक और करियर पृष्ठभूमि स्वयं संदिग्ध रही है।
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