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    किरमारा माइनर में दर्दनाक हादसा: नारियल निकालने उतरे दो मासूम भाई डूबे

    Bhuna News
    Bhuna News: मृतक बच्चों के शव को लेकर जाती हुई एम्बुलेंस

    दोनों की मौत से क्षेत्र में मातम

    भूना (सच कहूँ न्यूज)। Bhuna News: पाबड़ा से किरमारा माइनर में नहला के समीप सोमवार देर शाम एक हृदयविदारक हादसे में प्रवासी मजदूर के दो मासूम बच्चों की पानी में डूबने से मौत हो गई। नारियल निकालने के प्रयास में पहले छोटा भाई फिसला और उसे बचाने के लिए बड़ा भाई भी माइनर में कूद गया। देखते ही देखते दोनों गहरे पानी में समा गए। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई, जबकि परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

    मृतक बच्चों के पिता मितलेश, निवासी खिधरचेक गांव, जिला नालंदा (बिहार) ने बताया कि सोमवार शाम करीब पांच बजे उसका 10 वर्षीय बेटा लव और 8 वर्षीय बेटा लवकुश खेलते-खेलते किरमारा माइनर की पटरी तक पहुंच गए। इसी दौरान माइनर में बहता हुआ एक नारियल दिखाई दिया। नारियल निकालने की कोशिश में लवकुश का पैर फिसल गया और वह पानी में डूबने लगा। छोटे भाई को बचाने के लिए बड़ा भाई लव जोर-जोर से चिल्लाता हुआ माइनर में कूद पड़ा। तेज बहाव के कारण दोनों बच्चे कुछ ही पलों में पानी में समा गए। Bhuna News

    बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोग कुछ देर बाद मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। ग्रामीणों और मजदूरों ने कड़ी मशक्कत के बाद कुछ दूरी पर दोनों बच्चों को माइनर से बाहर निकाला, मगर उनकी मौत हो चुकी थी। घटना सोमवार की देर शाम की थी, लेकिन परिजन मंगलवार को बिहार से नहला पहुंचे। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

    ईंट भट्ठा मजदूर के हैं बच्चे | Bhuna News

    सूचना मिलने पर जांच अधिकारी रामपाल खिलेरी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल फतेहाबाद भेजा। परिजन शुरूआत में बच्चों को दफनाना चाहते थे, लेकिन पुलिस और ईंट भट्ठा संचालकों के समझाने पर वे पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए। थाना अध्यक्ष ओमप्रकाश बिश्नोई ने बताया कि परिजनों के इतफाकिया बयान दर्ज कर लिए गए हैं और पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।

    मितलेश और उसकी पत्नी वनिता देवी करीब तीन महीने पहले नहला स्थित बिक्स कंपनी के ईंट भट्ठे पर मजदूरी करने बिहार से आए थे। दंपति के आठ संतान हैं, जिनमें तीन बेटियां और पांच बेटे थे। मृतक लव पांचवें और लवकुश छठे नंबर के बच्चे थे। बच्चों की उम्र 15 वर्ष से लेकर 2 वर्ष के बीच है, जिनमें एक बेटी शादीशुदा है। दो मासूम बेटों की मौत के बाद झोपड़ी में कोहराम मचा हुआ है। मां का रो-रोकर बुरा हाल है और पिता सदमे में है। ईंट भट्ठा संचालक सोमवीर ने दोनों बच्चों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है और लोग मासूमों की असमय मौत पर गमगीन हैं।

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