हमसे जुड़े

Follow us

34.1 C
Chandigarh
Wednesday, April 22, 2026
More
    Home कृषि राहत: राजस्था...

    राहत: राजस्थान में सरसों की बंफर पैदावार की संभावना

    Yellow mustard farming

    झुंझुनू (सच कहूँ न्यूज)। राजस्थान में सर्दियों में इस बार अच्छी मावठ के चलते खेतों में सरसों की फसल की बंफर पैदावार होने की संभावना है। झुंझुनू जिले में कृषि विभाग के लक्ष्य से करीब सवा 14 हजार हेक्टेयर में किसानों ने ज्यादा सरसों की बुवाई की है। पिछले पांच साल में पहली बार सरसों के भाव सबसे अधिक 6800 रुपए प्रति क्विंटल हैं। दूसरी सबसे अच्छी बात यह है कि पहली बार ही जिले में 50 से अधिक आॅयल मिल हो गई हैं। इनमें पांच नई बनकर तैयार हुई हैं और इसी सीजन से शुरू हो जाएंगी।

    57 प्रतिशत की बढ़ोतरी

    कृषि विभाग के सहायक निदेशक डॉ. विजयपाल कस्वा ने बताया कि जनवरी महीने में दो बार हुई अच्छी बारिश एवं वातावरण में नमी शत प्रतिशत रहने से सरसों को फायदा होगा। वहीं इस बार बाजार भाव भी ज्यादा है। पांच साल के दौरान सरसों के भाव दो गुना हो गए। पिछले दो साल के दौरान इनमें 57 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वर्तमान में बाजार में सरसों का भाव 6800 रुपए प्रति क्विंटल है। जबकि वर्ष 2018 में सरसों 3400 रुपए प्रति क्विंटल था। पिछले साल सरसों के भाव 5700 रुपए प्रति क्विंटल थे। भाव बढ़ने से इस बार जिले में सरसों की बुआई के प्रति किसानों का रूझान बढ़ा है।

    वर्तमान में बाजार में सरसों का भाव 6800 रुपए प्रति क्विंटल

    जिले में सरसों की डिमांड बढ़ना भी इस बार सरसों के रकबे को बढ़ावा देना माना जा रहा है। जिला उद्योग केंद्र के अनुसार जिले में करीब 30 छोटी एवं 18 बड़ी आॅयल मील संचालित है। जिनकी क्षमता 4 क्विंटल से 300 क्विंटल प्रति दिन की है। इनके अलावा इस सीजन में 5 से ज्यादा और फैक्ट्री का संचालन शुरू होगा। जिससे जिले में ही डिमांड बढ़ने लगी है। बाजार में भाव बढ़ने से जिले में किसानों ने सरसों का रकबा भी बढ़ा दिया है। कृषि विभाग ने इस बार रबी फसल के लिए 2.51 लाख हैक्टेयर का लक्ष्य रखा गया था। जिसमें सरसों की बुवाई के लिए 72 हजार हैक्टेयर तय किया गया था। लेकिन किसानों ने इससे भी सवा 14 हजार हैक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में बुवाई की। चना 75 हजार एवं गेहूं के लिए 70 हजार हैक्टेयर तय किया था। जबकि गेहूं की 2735 हैक्टेयर वं चना की 6020 हैक्टेयर कम में बुवाई हुई है। सरसों के अलावा किसानों ने जौ की लक्ष्य से 240 हैक्टेयर में बुवाई की है।

    अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और TwitterInstagramLinkedIn , YouTube  पर फॉलो करें।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here