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    दूरदर्शी शिक्षक जगदीश कालीरावण व साथी स्टाफ सदस्यों की प्रेरणाएं लाई रंग

    राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुस्सर सौंदर्यीकरण में जिलाभर में अव्वल

    • ग्राम पंचायत व मौजूदा स्टाफ ने अभियान को जारी रखने का दोहराया संकल्प

    सरसा। (सच कहूँ/सुनील वर्मा) अक्सर कहा जाता है कि बाग के माली द्वारा फलों के पौधों का रोपण केवल इसलिए नहींं किया जाता कि वह स्वयं उन फलों का सेवन करेगा, मगर आने वाली पीढ़ियां इन फलों का रसास्वादन ले सकें, इसके लिए वर्तमान में उनका रोपण किया जाता है। ऐसा ही स्कूल के सौंदर्यीकरण से संबंधित बीज आज से करीब आठ साल पूर्व राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुस्सर के विज्ञान अध्यापक स्व. जगदीश चंद्र कालीरावण द्वारा अपने अन्य साथी अध्यापकों के साथ माली के रूप में रोपा गया था।

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    जो उनके सार्थक प्रयासों से वह रूप ले गया कि पूरे जिले में इस विद्यालय के सौंदर्य की गाथा सभी के लबों पर है। देश के 74वें गणतंत्र दिवस पर पूरे जिलेभर में स्कूल सौंदर्यीकरण के रूप में अव्वल रहने वाला राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुस्सर का प्रत्येक शिक्षक, प्रत्येक विद्यार्थी व इस गांव का हर वाशिंदा इस सम्मान से स्वयं को अभिभूत महसूस कर रहा है जिसकी पटकथा स्कूल के तत्कालीन विज्ञान अध्यापक जगदीशचंद्र कालीरावण द्वारा लिखी गई थी।

    यूं रखी गई इस सम्मान की नींव

    करीब 8 वर्ष पूर्व साधारण से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुस्सर की छटा को संवारने का बीड़ा तत्कालीन विज्ञान अध्यापक जगदीशचंद्र कालीरावण द्वारा विद्यालय के ही अन्य शिक्षक एसएस अध्यापक विजय कुमार, पंजाबी शिक्षक बलबीर सिंह, एबीआरसी मदनलाल, एसएस अध्यापक धर्मपाल, पालाराम व माली विकास कुमार के साथ उठाया गया था। अपनी अथक मेहनत व दूरदर्शिता के चलते उन्होंने इस विद्यालय में उड़ने वाली धूल को चंदन का सा स्वरूप प्रदान करते हुए महकी हुई फुलवारियों के रूप में विकसित किया। वर्तमान में अर्थशास्त्र के प्रवक्ता राकेश मान प्रिंसीपल राजकुमार अरोड़ा व अन्य स्टाफ के साथ मिलकर लगातार स्कूल की साफ-सफाई और स्वच्छता का जिम्मा संभाले हुए है। जिनकी बदौलत आज ये सपना साकार हुआ है।

    हालांकि वर्तमान में जगदीश चंद्र कालीरावण इस दुनिया में नहीं हैं। लेकिन उन्हें आज जरूर खुशी की अनुभूति हो रही होगी। जगदीश चन्द्र कालीरावण के अलावा विद्यालय की प्रधानाचार्या रही विजयी लक्ष्मी, डीडीओ रही डा. निधि मैहता, राधेश्याम मलेठिया सहित समय-समय पर स्कूल में रहे सभी अध्यापकों ने भी स्कूल सौंदर्यीकरण को लेकर खूब मेहनत की। वर्तमान में प्रधानाचार्य राजकुमार अरोड़ा उपरोक्त शिक्षकों द्वारा की गई कड़ी मेहनत को बरकरार रखे हुए है। जिसका परिणाम है कि स्कूल जिले का सबसे सर्वोत्तम स्कूल घोषित हुआ है।

    स्कूल में चल रहे है वोकेशनल कोर्स

    केवल प्राकृतिक तौर पर ही नहीं बल्कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक ज्ञान में इजाफा करने के उद्देश्य से भी विद्यालय में आधुनिक खेतीबाड़ी में प्रयोग होने वाली तरीके व केंचुआ खाद आदि तैयार करने के लिए खाद व छात्राओं के लिए ब्यूटीशियन आदि के कोर्स की भी जानकारियां उपलब्ध है।

    शहीद भगत सिंह की प्रतिमा से मिलती है देशभक्ति की प्रेरणा

    विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति की अलख जगाते हुए विचारों का समावेश करते हुए विद्यालय परिसर में ही शहीद भगत सिंह की प्रतिमा स्थापित करवाई गई है। ताकि विद्यार्थियों के मनो मस्तिष्क मेंं देशभक्तों द्वारा राष्ट्र पर अर्पित होने की गाथा सदा के लिए अमिटता का स्थान ले सके। यही नहीं देश के 74वें गणतंत्र दिवस पर समूचे जिले में केवल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुस्सर का ही सौंदर्यीकरण के क्षेत्र में मुख्यातिथि द्वारा गुणगान किया गया। केवल इतना ही नहीं उस अथक परिश्रम को नतमस्तक होते हुए अब जिला प्रशासन की ओर से इस विद्यालय प्रशासन को शीघ्र ही एक लाख रुपए की राशि से सम्मानित भी किया जाएगा जो न केवल स्कूल प्रशासन का बल्कि प्रत्येक ग्रामीण का सम्मान होगा।

     भूले नहीं भूलती मेहनत व दूरदर्शिता की यात्रा

    गांव के साधारण से स्कूल से जिलेभर में सर्वोत्तम व उत्कृष्ट विद्यालय की श्रेणी में लाने के लिए करीब 8 साल पूर्व जगदीशचंद्र कालीरावण द्वारा आरंभ की गई विकास यात्रा भूले नहीं भूलती। उनका विद्यालय समय से पूर्व विद्यालय में आना और अवकाश होने के बाद तक विद्यालय के विकास व सौंदर्यी संबंधी कार्यों को अथक परिश्रम से करते रहने के उनके जुनून से आज विद्यालय का यह उपवन इस तरह से महका है कि इसकी खुशबू से पूरा जिला लाभान्वित हो रहा है। नि:संदेह बढ़े हौंसलों की यह उड़ान अब न केवल हरियाणा स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुस्सर को पहचान दिलाने के लिए बगैर थके बगैर रूके कार्य को गति दी जाएगी।
                                                                                                – राजपाल कौर, सरपंच, कुस्सर।

    स्कूल के पूर्व में रहे स्टाफ ने स्वच्छ व सुंदरीकरण के लिए जो मेहनत रूपी पौधा लगाया था, उसी पौधे को पानी देने का काम नए स्टाफ ने किया। जिसके परिणाम स्वरूप स्कूल पहले खंड और अब जिलास्तर पर प्रथम आया है। भविष्य में इसी तरह मेहनत करके स्कूल को राज्य स्तर पर प्रथम स्थान दिलाने के लिए प्रयास अभी से शुरू कर दिए है। जिला स्तर पर विद्यालय की जीत को मेरे सभी विद्यार्थियों, स्टाफ साथियों, विद्यालय प्रबंधन समिति, पंचायत एवं ग्रामवासियों को समर्पित करता हूँ,जिनके सहयोग से ये लक्ष्य प्राप्त हुए हैं। भविष्य में इसी प्रकार के सहयोग की कामना करता हूँ।
                                                – राजकुमार अरोड़ा, प्रधानाचार्य राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुस्सर।

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