हमसे जुड़े

Follow us

28 C
Chandigarh
Sunday, March 1, 2026
More

    Nirav Modi Bail: नीरव मोदी की जमानत हो गई ?

    Nirav Modi Bail
    Nirav Modi Bail: नीरव मोदी की जमानत हो गई ?

    UK High Court: नई दिल्ली। ब्रिटेन की राजधानी लंदन स्थित किंग्स बेंच डिवीजन की उच्च न्यायालय ने आर्थिक अपराधों में वांछित हीरा कारोबारी नीरव मोदी की जमानत याचिका को एक बार फिर ठुकरा दिया है। यह दसवां अवसर था जब नीरव मोदी ने अपनी रिहाई के लिए न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया। याचिका पर सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने तीव्र विरोध जताया, जिसका सशक्त समर्थन भारत की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष टीम ने किया। सीबीआई ने इस सुनवाई के लिए अपने अधिकारी विशेष रूप से लंदन भेजे थे। एजेंसी की मजबूत दलीलों के चलते अदालत ने नीरव मोदी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। Nirav Modi Bail

    नीरव मोदी वर्ष 2019 से ब्रिटेन की जेल में बंद है। उस पर पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) से संबंधित लगभग 6,498 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का गंभीर आरोप है। भारत सरकार द्वारा उसके प्रत्यर्पण के लिए की गई पहल को ब्रिटेन के उच्च न्यायालय ने पहले ही स्वीकृति प्रदान कर दी है। यह मामला भारत के अब तक के सबसे बड़े बैंकिंग घोटालों में से एक माना जाता है। जांच एजेंसियों का दावा है कि नीरव मोदी ने अपने चाचा मेहुल चोकसी के साथ मिलकर मुंबई स्थित पीएनबी शाखा से फर्जी ‘लेटर ऑफ अंडरटेकिंग’ (एलओयू) के माध्यम से करोड़ों रुपये का अवैध लाभ उठाया।

    जांच अनुसार, नीरव मोदी ने 6,498 करोड़ रुपये की हेराफेरी की

    जांच के अनुसार, जहां नीरव मोदी ने 6,498 करोड़ रुपये की हेराफेरी की, वहीं मेहुल चोकसी पर 7,000 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का आरोप है। फरवरी 2018 में सीबीआई द्वारा मामला दर्ज किए जाने से पूर्व, दोनों भारत से फरार हो गए थे। वर्तमान में नीरव मोदी ब्रिटेन की जेल में बंद है, जबकि मेहुल चोकसी के विरुद्ध बेल्जियम में कानूनी प्रक्रिया चल रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एंटवर्प की एक अदालत 16 मई से चोकसी के प्रत्यर्पण पर सुनवाई शुरू करने जा रही है। इससे पूर्व, चोकसी की प्रारंभिक जमानत याचिका को भी बेल्जियम की अदालत ने खारिज कर दिया था।

    भारतीय एजेंसियों ने चोकसी के खिलाफ प्रबल साक्ष्य एकत्र कर अदालत में प्रस्तुत किए हैं, ताकि आगामी सुनवाई में उसके प्रत्यर्पण के प्रयास और अधिक मज़बूत किए जा सकें। निष्कर्षतः, भारत सरकार और जांच एजेंसियाँ दोनों ही मामलों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। ब्रिटेन और बेल्जियम दोनों देशों की न्यायिक कार्यवाहियों में तेज़ी आने से यह उम्मीद प्रबल हुई है कि जल्द ही नीरव मोदी और मेहुल चोकसी दोनों को भारत लाकर न्यायिक प्रक्रिया का सामना कराया जा सकेगा। Nirav Modi Bail

    Indian Mayor in British Town: यूपी के इस छोटे से गांव के लाल ने ब्रिटेन में रचा इतिहास, बने मेयर