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    श्रीलंकाई नौसेना ने भारत को दिखाई आंख!, विदेश मंत्री को लिखा पत्र, जानिये क्या है माजरा

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    Sri Lankan श्रीलंकाई नौसेना ने भारत को दिखाई आंख!, विदेश मंत्री को लिखा पत्र, जानिये क्या है माजरा

    चेन्नई (एजेंसी)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और द्रमुक अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने श्रीलंकाई नौसेना के जलक्षेत्र में मछली पकड़ने के आरोप में गिरफ्तार किये गये 14 तमिल मछुआरों की शीघ्र रिहाई की मांग को लेकर सोमवार को विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से इस मामले में शीघ्र हस्तक्षेप करने का आग्रह किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार मयिलादुथुराई जिले के ये मछुआरे नेदुनथीवु के पास खुले समुद्र में रविवार देर रात मछली पकड़ रहे थे तभी उन्हें कथित तौर पर अंतर्राष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा (आईएमबीएल) पार करने और उनके जलक्षेत्र में अवैध शिकार करने के आरोप में श्रीलंका नौसेना ने गिरफ्तार कर लिया । उनकी नाव जब्त कर ली गई और गिरफ्तार मछुआरों को आगे की कार्रवाई के लिए श्रीलंका के कांकेसंथुराई बंदरगाह ले जाया गया।

    स्टालिन ने इस मामले पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए डॉ. जयशंकर को लिखे एक अर्ध-सरकारी पत्र में आग्रह किया कि वे श्रीलंकाई हिरासत से इन मछुआरों और उनकी नावों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाएँ। इस पत्र की प्रतियाँ यहाँ मीडिया को जारी की गईं हैं। स्टालिन ने कहा कि यह गहरी चिंता का विषय है कि भारतीय मछुआरों और नावों को श्रीलंकाई अधिकारियों द्वारा हिरासत में लिए जाने की घटनाएँ लगातार हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2024 में पकड़े गए कई मछुआरे अभी भी हिरासत में हैं और तमिलनाडु के कुल 128 मछुआरे और 248 मछली पकड़ने वाली नावें श्रीलंकाई हिरासत में हैं। स्टालिन ने कहा, ” मछुआरों की लगातार गिरफ़्तारी और उनकी नावों की जब्ती ने उनके परिवारों को गंभीर कठिनाई में डाल दिया है और मछली पकड़ने को अपनी प्राथमिक आजीविका के रूप में अपनाने वाले इन समुदायों को भी बहुत प्रभावित किया है।”

    उन्होंने केंद्र सरकार से मछुआरा संघों और सरकारी प्राधिकारियों वाले संयुक्त कार्य समूह तंत्र को पुनर्जीवित करने के लिए ठोस कदम उठाने और इस लंबे समय से चले आ रहे मुद्दे के पारस्परिक रूप से स्वीकार्य और स्थायी समाधान की दिशा में काम करने का भी आग्रह किया। स्टालिन ने विदेश मंत्री से सभी मछुआरों की शीघ्र रिहाई और सुरक्षित स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।