वॉशिंगटन/नई दिल्ली (एजेंसी)। Washington News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया है। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस निमंत्रण की पुष्टि की और राष्ट्रपति ट्रम्प का लिखा गया पत्र साझा किया। इस बोर्ड का गठन गाजा में स्थायी शांति लाने, वहां की शासन व्यवस्था को प्रभावी बनाने और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए एक नए अंतरराष्ट्रीय संगठन के रूप में किया गया है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने अपने पत्र में इस पहल को मध्य पूर्व में शांति को पुख्ता करने और वैश्विक संघर्ष को सुलझाने का एक ऐतिहासिक और साहसिक प्रयास बताया है। Washington News
यह बोर्ड पिछले वर्ष 29 सितंबर को घोषित ट्रंप की 20-सूत्रीय शांति योजना का हिस्सा है, जिसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी अपने प्रस्ताव 2803 के माध्यम से समर्थन दिया है। इस योजना के तहत अब गाजा में शांति और समृद्धि के सपनों को हकीकत में बदलने के लिए दुनिया के सम्मानित नेताओं को एक साथ लाया जा रहा है। इस ‘बोर्ड आॅफ पीस’ में शामिल होने के लिए भारत के अलावा इजरायल, मिस्र, तुर्की, कतर, पाकिस्तान, कनाडा और अर्जेंटीना सहित लगभग 50 देशों को आमंत्रित किया गया है। यह बोर्ड गाजा में जारी संघर्ष विराम के दूसरे चरण की निगरानी करेगा, जिसमें नई फिलिस्तीनी समिति का गठन, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल की तैनाती, हमास का विसैन्यीकरण और युद्ध से प्रभावित क्षेत्र का पुनर्निर्माण शामिल है।
सदस्यों की आधिकारिक सूची की घोषणा आने वाले दिनों में दावोस में होने वाली विश्व आर्थिक मंच की बैठक के दौरान होने की संभावना है। व्हाइट हाउस ने बोर्ड के विजन को लागू करने के लिए एक कार्यकारी समिति की भी घोषणा की है। इस समिति में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, जारेड कुशनर, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर, विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा और उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट गेब्रियल जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। यह समूह गाजा के पुनर्निर्माण और वहां एक सुरक्षित व समृद्ध भविष्य के निर्माण की दिशा में कार्य करेगा।
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