नई दिल्ली (एजेंसी)। New Delhi News: दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की सेंट्रल रेंज टीम ने फर्जी दस्तावेज और फर्जी पासपोर्ट रैकेट से जुड़े एक वांछित और घोषित अपराधी हरदेश उर्फ सोनू उर्फ आरपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी स्पेशल सेल में दर्ज मामले में लंबे समय से फरार चल रहा था और अदालत द्वारा प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर घोषित किया जा चुका था। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। New Delhi
दिल्ली पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, आरोपी हरदेश उर्फ सोनू के खिलाफ एफआईआर नंबर 181/25 थाना स्पेशल सेल में दर्ज है। इस मामले में आरोपी पर आर्म्स एक्ट की धारा 25/54/59, बीएनएसएस की धारा 318/335/336(3)/337/241/61(2) और पासपोर्ट एक्ट की धारा 12 के तहत केस दर्ज है। कोर्ट ने 16 जनवरी 2026 को आरोपी को घोषित अपराधी करार दिया था। इसके बाद विश्वसनीय गुप्त सूचना और तकनीकी निगरानी के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम ने आरोपी को गाजियाबाद से दबोच लिया।
यह ऑपरेशन इंस्पेक्टर वीर सिंह, सेंट्रल रेंज, क्राइम ब्रांच के नेतृत्व में किया गया। टीम में हेड कांस्टेबल संजय, मनीष, सुकराम पाल, विनोद, अनूप और महिला कांस्टेबल प्रिया शामिल थे। पूरी कार्रवाई डीसीपी क्राइम विक्रम सिंह की निगरानी और एसीपी सेंट्रल रेंज क्राइम राजबीर मलिक के मार्गदर्शन में हुई। इस ऑपरेशन में हेड कांस्टेबल संजय की भूमिका बेहद अहम रही, जिन्होंने पुख्ता और कारगर गुप्त सूचना जुटाकर गिरफ्तारी में निर्णायक योगदान दिया।
पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि आरोपी संगठित आपराधिक गिरोहों के सदस्यों के लिए फर्जी पासपोर्ट और फर्जी पहचान पत्र बनवाने का काम करता था। जांच में सामने आया है कि आरोपी नंदू गैंग और सलीम पिस्टल गैंग
के सदस्यों को फर्जी पासपोर्ट उपलब्ध कराता था, जिससे अपराधियों को देश-विदेश में अवैध आवाजाही में मदद मिलती थी। New Delhi
इस मामले में पहले से गिरफ्तार आरोपी अमरदीप लोचन ने खुलासा किया था कि वह नंदू गैंग के लिए काम करता है और उसके साथियों के लिए हरदेश ने फर्जी पासपोर्ट की व्यवस्था की थी। इसके अलावा जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने कुख्यात गैंगस्टर सलीम पिस्टल के लिए भी फर्जी पासपोर्ट बनवाया था और उसके गिरोह को फंडिंग में मदद की थी। सलीम पिस्टल को पहले ही इस केस में गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस के मुताबिक, हरदेश न सिर्फ फर्जी पासपोर्ट बल्कि फर्जी दस्तावेज, नकली पहचान और जाली पासपोर्ट तैयार कर कई कुख्यात अपराधियों को मुहैया करा चुका है। इससे साफ होता है कि वह एक अंतरराज्यीय फर्जी पासपोर्ट रैकेट का अहम हिस्सा था।
क्राइम ब्रांच का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी से फर्जी पासपोर्ट रैकेट, संगठित अपराध नेटवर्क और अंतरराज्यीय कड़ियों को लेकर कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है। फिलहाल आरोपी से गहन पूछताछ जारी है और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। New Delhi
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