डेरा सच्चा सौदा आकर चमकी ‘किस्मत’
सरसा (सच कहूँ/रविन्द्र शर्मा)। देश के गाँवों और शहरों में नशे का दानव युवा पीढ़ी को लगातार निगलता जा रहा है। रोजाना नशे के कारण होने वाली मौतों की खबरें पढ़कर रूह कांप उठती है। इस दानव को खत्म करने के लिए पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने ‘डेप्थ मुहिम’ चलाई हुई है। डेरा सच्चा सौदा, सरसा एक ऐसी संस्था है, जहाँ नशा छुड़ाओ कैंप लगातार चल रहे हैं। रोजाना नशे से पीड़ित हर वर्ग के लोग अपना भयानक से भयानक नशा छोड़ने आते हैं और सात दिन बाद स्वस्थ होकर अपने घर लौटते हैं। यहाँ आकर लोग अधिकांशत: बिना किसी दवा के हर तरह का नशा छोड़ रहे हैं। ऐसे ही कुछ युवाओं द्वारा बयान की गई आपबीती के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं। Sirsa News
सात दिन के कैंप के दौरान नशा छोड़कर अपने घर लौट रहे ढाणी बब्बनपुर, ब्लॉक रतिया, जिला फतेहाबाद (हरियाणा) निवासी अंग्रेज सिंह ने बताया कि वह नशे की दलदल में इस कदर फंस गया था कि बाहर निकलने का कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा था। उसने बताया कि वह पहले-पहले शराब पीने का आदी हुआ। धीरे-धीरे मेडिकल नशे करने लगा और फिर चिट्टा तथा गोलियों के इंजेक्शन भी लगाने लगा। उसका सारा ध्यान नशे में ही लग गया और वह समाज से पूरी तरह दूर हो गया था। अंग्रेज सिंह के अनुसार उसने इतने इंजेक्शन लगा लिए थे (लगभग 300 इंजेक्शन एक महीने में) कि बाजुओं की नसें तक खत्म हो गई थीं। उसकी नशे की आदत से पूरा परिवार परेशान था। फिर एक दिन डेरा सच्चा सौदा के सेवादार उसके पास आए और उसे नशा छोड़ने के लिए प्रेरित किया।
पूज्य गुरु जी के पावन वचनों के अनुसार वह एक सप्ताह तक कैंप में रहा
वह उनके साथ डेरा सच्चा सौदा में लगे नशा छुड़ाओ कैंप में आया। उसने बताया कि पूज्य गुरु जी के पावन वचनों के अनुसार वह एक सप्ताह तक कैंप में रहा। खाने-पीने की व्यवस्था डेरा सच्चा सौदा द्वारा की गई थी और अब उसके सभी नशे छूट गए हैं। अब न तो उसका किसी नशे की ओर मन करता है और न ही उसे किसी तरह की परेशानी या कमजोरी महसूस होती है। बल्कि अब वह पहले से ज्यादा स्वस्थ महसूस कर रहा है। उसने बताया कि डेरा सच्चा सौदा के सेवादार कैंप में आए नशा पीड़ित मरीजों की बहुत अच्छी देखभाल करते हैं। दूध और अन्य पौष्टिक आहार के साथ-साथ प्रोटीन युक्त भोजन भी दिया जाता है। उसने कहा कि पूज्य गुरु जी ने हम पर कृपा की है और उसे नया जन्म मिला है। वह जीवन भर पूज्य गुरु जी का आभारी रहेगा। Sirsa News
तीन से चार पत्ते गोलियों के खा जाता था
मंडी डबवाली, जिला सरसा (हरियाणा) से आए रामफल (काल्पनिक नाम) ने बताया कि वह मेडिकल नशे का आदी हो गया था। वह तीन से चार पत्ते गोलियों के खा जाता था। वह एक अच्छे परिवार से है, लेकिन नशे ने उसकी जिÞंदगी बर्बाद कर दी। पहले उसके लिए रिश्ते आते थे, लेकिन नशे की ऐसी आदत पड़ गई कि अब कोई उससे बात करना भी पसंद नहीं करता था। फिर एक दिन डेरा सच्चा सौदा के सेवादार उसके पास आए और उसे नशा छोड़ने के लिए प्रेरित किया। वह उनके साथ डेरा सच्चा सौदा, सरसा आया और नशा छुड़ाओ कैंप का लाभ लिया।
पूज्य गुरु जी के पावन वचनों के अनुसार आज सात दिन पूरे हो गए हैं और वह पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर जा रहा है। उसने बताया कि इस दौरान उसकी पूरी देखभाल की गई। लोग कहते हैं कि नशा छोड़ते समय दस्त लगते हैं या तड़प होती है, लेकिन यह सब दिमाग का वहम है। उसने कहा कि अब वह नशे की दलदल में फंसे अन्य युवाओं को भी बाहर निकालने की कोशिश करेगा। अपने दोस्तों और साथियों से अपील करते हुए उसने कहा कि आओ, सब मिलकर नशे के कोढ़ को जड़ से खत्म करें। नशा छोड़कर स्वस्थ होकर घर जाते समय उक्त युवक ने पूज्य गुरु जी का तहेदिल से धन्यवाद किया और आगे से कभी भी नशा न करने का संकल्प भी लिया। Sirsa News
नशे के संबंध में पूज्य गुरु जी के पावन वचन
आजकल युवा और छोटे-छोटे बच्चे नशे में डूबे हुए हैं। दुख होता है जब कोई माँ रोती है, जिसका बेटा नशे के कारण इस दुनिया से चला जाता है। नशे के दानव से समाज को बचाने की ओर किसी का ध्यान नहीं है। अगर सब मिलकर प्रयास करें तो अकेला पंजाब या हरियाणा ही नहीं, बल्कि पूरा देश और पूरा संसार नशे के दानव से बच सकता है।
नशा छोड़ने के लिए ‘सेफ मुहिम’ के तहत दी जाती है पौष्टिक खुराक
पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने ‘डेप्थ मुहिम’ को मजबूत करने के लिए ‘सेफ’ (S.A.F.E.) मुहिम चलाई है। इसके तहत डेप्थ मुहिम के माध्यम से नशा छोड़ने वाले युवाओं को पौष्टिक आहार (हेल्दी डाइट) दिया जाता है। सेफ मुहिम के अंतर्गत नशा छोड़ने वाले युवाओं को 15 दिन या एक महीने की पौष्टिक खुराक की किट दी जाती है। इसमें ऑर्गेनिक प्रोटीन प्रोडक्ट, छोले, इसबगोल और ओआरएस घोल के पैकेट शामिल होते हैं। इसके अलावा किट में ड्राई फ्रूट्स भी दिए जाते हैं, ताकि नशा छोड़ने वाले युवा पूरी तरह स्वस्थ हो सकें। Sirsa News
तस्वीरें : सरसा। सुशील कुमार















