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Sunday, March 8, 2026
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    पूज्य गुरु जी की प्रेरणा से डेरा सच्चा सौदा के महिला उत्थान को 20 सराहनीय अभियान

    Ram Rahim
    Saint Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan

    International Women’s Day 2026: पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम (Saint Dr Gurmeet Ram Rahim Singh Ji) सिंह जी इन्सां ने अपनी ओजस्वी वाणी में रूहानी सत्संगों के माध्यम से साढ़े सात करोड़ से अधिक लोगों के नशे और बुराइयां छुड़वाई, जिससे नरक की मानिंद हुए घर स्वर्ग बन गए हैं, और खुशियों से भर गए हैं। जिन परिवारों में महिलाएं एक वक्त खून के आंसू रोती थी, पूज्य गुरुजी के सद्प्रयासों की बदौलत आज वो खुशहाल जीवन जी रही हैं। International Women’s Day

    पूज्य गुरु जी ने गाँवों, कस्बों, शहरों और महानगरों में रूहानी सत्संगों के माध्यम से आमजन को कन्या भ्रूण हत्या जैसी बुराइयां त्यागने का संकल्प करवाकर न जाने कितनी ही बेटियों को कोख में मरने से बचाया। पूज्य गुरुजी के बेहतरीन प्रयासों की बदौलत आज अनेक बेटियां शिक्षा, खेल, सेना, पुलिस व प्रशासनिक सेवाओं में बड़े पदों को सुशोभित कर रही हैं और अपनी बेहतरीन कार्यशैली से एक अलग छाप छोड़ रही हैं। पूज्य गुरु जी ने महिला उत्थान के लिए 175 मानवता भलाई कार्यों के तहत अनेक बेमिसाल मुहिम चलार्इं हैं, जो उन्हें संबल प्रदान कर रही हैं। आज महिला दिवस पर आपको रूबरू करवाते हैं इन मुहिमों से:-

    • 1. शुभदेवी:- इस मुहिम के तहत पूज्य गुरु जी वेश्यावृत्ति की दलदल में फंसी लड़कियों को इससे बाहर निकालकर उनका उपचार करवाते हैं और अपनी बेटियां बनाकर उनकी अच्छे समृद्ध संपन्न परिवारों के भक्तयोद्धाओं से शादी करवाते हैं और एक पिता के रूप में अपना हर कर्तव्य निभाते हैं, जैसे त्योहार, खुशी के मौके बेटियों को उपहार देना इत्यादि। International Women’s Day
    • 4. जीएफबी गुरु फादर बेटियां:- पूज्य गुरु जी ने इस मुहिम के तहत ऐसी बेटियों को अपनाया, जिन्हें या तो गर्भ में मार दिया जाना था या अपने हाल पर कूड़े के ढेर पर फेंक देना था। ऐसी बच्चियों को पूज्य गुरु जी ने माता-पिता के रूप में अपना नाम दिया और इन बच्चियों को बेहतरीन शिक्षा के साथ खेलों और जीवन के हर नेक क्षेत्र में आगे बढ़ाया, जिससे ये बेटियां आज देश का नाम रोशन कर रही हैं। इसके साथ ही बालिग होने पर पूज्य गुरु जी इनमें से कई बेटियों की शादियां करवार्इं और पिता के रूप में स्वयं कन्यादान किया।
    • 25. आशीर्वाद- मुहिम के तहत पूज्य गुरु जी और डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत गरीब जरूरतमंद परिवारों की बेटियों की शादियों में सहयोग देती है, जैसे घरेलू जरूरत का सामान, डबल बैड, बर्तन, सूट, मेज-कुर्सी, अलमारी इत्यादि के साथ यथासंभव शगुन, ताकि इन परिवारों को बेटियां बोझ न लगें और बिना परेशानी के उनकी शादी हो सके और वे खुशी-खुशी अपने ससुराल जा सकें।
    • 42. अभिशाप मुक्ति:- मुहिम के तहत पूज्य गुरु जी द्वारा आमजन को शादियों में दहेज न लेने के लिए प्रेरित किया जाता है। पूज्य गुरु जी के पावन सान्निध्य में डेरा सच्चा सौदा में ऐसी हजारों शादियां हो चुकी हैं और ये सिलसिला अनवरत जारी है। पूज्य गुरु जी की इस मुहिम से समाज के गरीब, जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत मिली है।
    • 44. गर्भ पवित्र:- मुहिम के तहत गर्भवती महिलाओं को सत्संग सुनने, भजन सुमिरन करने, योद्धा शूरवीरों की कहानियां पढ़ने व सुनने के लिए प्रेरित किया जाता है। ताकि उनका बच्चा बड़ा होकर बहादुर और देश का जिम्मेवार नागरिक बने और सद्गुणों से परिपूर्ण जीवन जीए।
    • 46. ज्ञानकली :- समाज में बेटियों की शिक्षा को लेकर कम रूझान को देखते हुए इस मुहिम का आगाज किया गया। इसके तहत माता-पिता और परिजनों को लड़कियों को शिक्षा दिलाने के लिए प्रेरित किया जाता है ताकि वे आत्मनिर्भर बनें।
    • 61. जीवनआशा:- इस मुहिम के तहत छोटी उम्र में विधवा हो जाने वाली लड़कियों की शादी करवाई जाती है, ताकि समाज में उसे तिरस्कृत भाव से न देखा जाए और वो अपना जीवन सुखमय जी सके।
    • 63. नई सुबह:- अक्सर देखने में आता है कि तलाक के बाद युवतियां मानसिक परेशानी में फंस जाती हैं और जीवन उन्हें बोझ सा लगने लगता है और ऐसी स्थिति में वे समाज के तानों-उलाहनों के चलते घातक कदम तक उठा लेती हैं। इसी समस्या को समझते हुए इस मुहिम का आगाज किया गया। इसके तहत तलाकशुदा युवतियों की शादी करवाई जाती है, ताकि वो सामान्य जीवन जी सके।
    • 73. कुल का क्राउन :- समाज में ऐसी धारणा थी कि सिर्फ बेटों से ही वंश चलता है। इसी समस्या को देखते हुए पूज्य गुरु जी ने इस मुहिमे का आगाज किया। कुल का क्राउन मुहिम के तहत लड़की शादी करके दुल्हे को अपने घर लेकर जाती है और इस दंपत्ति से जो संतान होती है उसके नाम के साथ लड़की का गौत्र लगता है। इस तरह बेटी से वंश आगे बढ़ता है।
    • 74. लज्जा रक्षा:- मुहिम के तहत डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत द्वारा बेसहारा औरतों की यथासंभव मदद की जाती है, जैसे उन्हें राशन उपलब्ध करवाना, सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण दिलवाकर आत्मनिर्भर बनाना इत्यादि।
    • 79. सशक्त नारी:- मुहिम के तहत लड़कियों को आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि मुश्किल वक्त में वे अपनी सुरक्षा स्वयं कर सकें।
    • 92. जननी सत्कार:- मुहिम के तहत डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत द्वारा गरीब गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार दिया जाता है और जरूरत पड़ने पर उपचार भी करवाया जाता है।
    • 94. जननी-शिशु सुरक्षा:- मुहिम के तहत डेरा सच्चा सौदा की ओर से गरीब जच्चा-बच्चा के भरण-पोषण के लिए पौष्टिक आहार दिया जाता है ताकि माँ और बच्चा दोनों स्वस्थ रहें।
    • 97. नई किरण:- इस मुहिम के तहत ऐसे परिवार जिनमें बेटे की मृत्यु के पश्चात विधवा बहु रह जाती है तो परिवार उस बहू को बेटी बनाकर उसकी शादी करवाता है जिससे वो अपना जीवन खुशहाली में जी सके।
    • 105. उड़ान आत्मबल की:- मुहिम के तहत ऐसी लड़कियां, जिनके ऊपर रंजिशवश तेजाब डाल दिया गया और उनका चेहरा खराब होने से शादी में दिक्कत आती है, उनका उपचार करवाया जाता है और उनकी शादी करवाई जाती है ताकि वे भी समाज का अभिन्न हिस्सा बनकर जीवन जी सकें।
    • 106. उम्मीद से भी आगे : मुहिम के तहत दुराचार पीड़ित महिलाओं का समुचित उपचार करवाया जाता है और उनकी भक्त योद्धाओं से शादी करवाई जाती है ताकि वे समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।
    • 107. बे गम सफर :- कई बार बेटी के शारीरिक रूप से अपंग, फुलवैरी, हकलाने जैसी समस्याओं से ग्रस्त होने पर परिवार के सामने मुश्किलें खड़ी हो जाती हैं और इन बेटियों की शादी में भी बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को समझते हुए इस मुहिम का आगाज किया गया, जिसके तहत ऐसी बेटियों की शादी समृद्ध-संपन्न परिवारों से संबंध रखने वाले भक्त योद्धाओं से करवाई जाती है ताकि वे बेटियां हीन भावना से बाहर निकलकर खुशहाल जीवन जीएं।
    • 123. डेप्थ :- इस मुहिम के तहत चरस, हेरोइन, स्मैक, चिट्टा सहित अन्य भयानक नशों की गिरफ्त में फंसी युवतियों का नशा छुड़वाया जाता है।]
    • 124. सेफ :- इस मुहिम के तहत नशा छोड़ने वाली युवतियों को काजू, बादाम सहित पौष्टिक आहार की किटें भी दी जाती हैं ताकि ऐसी युवतियां जल्दी स्वस्थ होकर समाज में सुखमय जीवन जी सकें।
    • 164 : इस मुहिम के तहत अनाथ, जरूरतमंद, बुजुर्ग व विधवा बहनें जो बेसहारा हैं, उनको गोद लेकर उनकी सेवा, संभाल की जाती है, जैसे तनख्वाह पर उनकी सेवा के लिए सेवादार रखा जाता है और जरूरतानुसार ब्लॉक के साथ मिलकर उन्हें घर बनाकर दिया जाता है। International Women’s Day