Children's Corner
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उमर शेख की ईमानदारी
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By Sach Kahoon Desk
Honesty Story: बाबर का पिता समरकंद का शासक उमर शेख नेक दिल, अत्यंत ईमानदार व न्यायप्रिय था। एक बार चीनी यात्रियों का एक जत्था पूर्व से पश्चिम की यात्रा पर था। लेकिन उसमें से अनेक लोग बर्फीले तूफान में फंसकर खत्म हो गए। और उनका धन व सामान उमर शेख के राज्य की सीमा में […]
अपने बच्चों को शर्मीलेपन से रखें दूर
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By Sach Kahoon Desk
बच्चों का कितना शर्मीलापन ज्यादा माना जाता है? Children’s Corner: बच्चे का ज्यादा या कम शर्माना जैसा कुछ नहीं हैं। अगर आपका बच्चा शर्मीला है और यह बात आपको या बच्चे को परेशान नहीं कर रही है तो कोई बड़ी बात नहीं है। जो बच्चे शर्मीले होते हैं, वे बेहतर श्रोता बनते हैं और स्कूल […]
Children’s Mental Health Tips: माता-पिता की इन बातों से बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है असर
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By Sach Kahoon Desk
Children’s Mental Health Tips: हर पेरेंट्स को अपने बच्चे बहुत ही प्यारे होते हैं, और हर माता-पिता अपने बच्चों से बहुत प्यार करते हैं। हर पेरेंट्स यही चाहते हैं कि उनका लड़का या लड़की बड़े होकर एक सफर और जिम्मेदार इंसान बने। दरअसल यही वजह है कि वह अपने बच्चों को बचपन से ही तमीज […]
Children’s Story: लालच बुरी बला है
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By Sach Kahoon Desk
Lalach Buri Bala: ‘हे भगवान, इस वन में अकाल पड़े, सूखा पड़े और बाढ़ आए ताकि वन के जानवर तबाह और बरबाद हो जाएं,’ सुंदर वन का महाराज खैरातीलाल सियार रोज भगवान की मूर्ति के आगे हाथ जोड़कर यही प्रार्थना करता था। Children’s Story एक दिन जब वह यही प्रार्थना कर रहा था तो उसकी […]
Waste Material: ऐसे बनाये वेस्ट मटीरियल से काम की चीजें
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By Sach Kahoon Desk
अपने अंदर के कलाकार को जगाएं और वेस्ट सामग्रियों का उपयोग करके इन क्राफ्ट आइडियाज को आजमाएं।
गधे के पेट में खाना
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By Sach Kahoon Desk
एक बार की बात है कि रामू अपने हाथ से पेट को बजा रहा था। यह देख कर माँ ने उससे कहा, ‘‘बेटा, ऐसे पेट नहीं बजाते। ऐसा करने से हम जो खाना खाते हैं, वो गधों के पेट में चला जाता है।’’ कुछ दिनों के बाद रामू का परिवार किसी के यहां से खाना […]
बाल कविता : नये युग का बालक
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By Sach Kahoon Desk
घिसे-पिटे परियों के किस्से नहीं सुनूँगा, खुली आँख से झूठे सपने नहीं बुनूँगा। मुझे पता चंदा की धरती पथरीली है, इसलिए धब्बों की छाया भी नीली है। चरखा कात रही है नानी मत बतलाओ, पढ़े-लिखे बच्चों को ऐसे मत झुठलाओ। इन्द्रधनुष के रंग इन्द्र ने नहीं बनाएं, पृथ्वी का है बोझ न कोई बैल उठाए। […]
सोने का खेत : अकबर और बीरबल की कहानी
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By Sach Kahoon Desk
अकबर के महल में कई कीमती सजावट की वस्तुएं थीं, लेकिन एक गुलदस्ते से अकबर को खास लगाव था। इस गुलदस्ते को अकबर हमेशा अपनी पलंग के पास रखवाते थे। एक दिन अचानक महाराज अकबर का कमरा साफ करते हुए उनके सेवक से वह गुलदस्ता टूट गया। सेवक ने घबराकर उस गुलदस्ते को जोड़ने की […]
बचपन
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By Sach Kahoon Desk
मैं बचपन को बुला रही थी बोल उठी बिटिया मेरी, नंदन-वन सी फल उठी वह छोटी-सी कुटिया मेरी। ‘माँ ओ’ कहकर बुला रही थी मिट्टी खाकर आई थी, कुछ मुँह में, कुछ लिए हाथ में मुझे खिलाने लाई थी। मैंने पूछा-यह क्या लाई? बोल उठी वह-‘माँ काओ’, फूल-फूल मैं उठी खुशी से मैंने कहा-‘तुम्हीं खाओ।’ […]
JOKS : चीनी घुल गई
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By Sach Kahoon Desk
एक दिन मैंने अपने आठ साल के बेटे से नींबू का शरबत बना लाने को कहा। वही नींबू का शरबत तो बना लाया, लेकिन उसमें चीनी डालना भूल गया। मैंने उससे पूछा कि चीनी नहीं डाली। तभी उसने अपनी भूल छुपाने के लिए तपाक से जवाब दिया, ‘‘पापा! चीनी डाली तो थी, घुल गई होगी।’’ […]
कविता : एक कहूँ एक, दो कहूँ दुआ
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By Sach Kahoon Desk
एक कहूँ एक, दो कहूँ दुआ, रटवाती थी हमको बुआ। टू वन जा टू, टूटू जा फोर, लगता यारों कितना बोर। क से कबूतर, ख से खरगोश, पढ़कर हुआ गुड्डू बेहोश। ए फॉर एप्पल, बी फॉर बैट, मोटू नहीं सन्नी बोलो फैट। उतरी हिन्दी की पगड़ी, पहनी हमने अंग्रेजी तगड़ी। डॉ. श्याम सखा ‘श्याम’ अन्य अपडेट हासिल […]
किसान : Poem
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By Sach Kahoon Desk
करके मेहनत कड़ी किसान, देता सबको रोटी दान। गरमी-सरदी से कब डरता, खेतों में रखवाली करता। आँधी, वर्षा या तूफ़ान, निडर जुटा है सीना तान। मेहनत करना हमें सिखाए, सच्चाई की राह दिखाए। रहता उजले-उजले मन का, सच्चा सेवक यही वतन का। नरेन्द्र अत्री ‘संतोषी’ जीन्द अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter, Instagram, LinkedIn , YouTube पर फॉलो करें।